यदि ट्रैफिक सिग्रल पर रैडलाइट हो गई है और आपको वहां पर हैलमेट पहने तथा हाथ में संदेश लिखे दो प्लेकार्ड लिए कोई व्यक्ति दिखाई दे, तो एक बार रूककर संदेश को जरूर पढ़े। यदि आप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के आदि हैं तो वह संदेश आपके लिए ही लिखा गया है।
जी हां, गुरुग्रामवासियों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने एक नायाब तरीका खोजा है। इस टीम द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान तो रोजाना किए ही जा रहे हैं, साथ ही लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने के लिए यह अनूठा तरीका अपनाया है। प्लेकार्ड्स पर संदेश प्रदर्शित करके उन लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया है जो ट्रैफिक नियमों को लेकर लापरवाही बरततें हैं और अपनी जान को जोखिम में डालने के साथ साथ दूसरों के लिए भी जोखिम पैदा करते हैं। इनमें से एक प्लेकार्ड पर लिखा है -‘क्या हम मिलकर बिना पुलिस के डर से अपने शहर को ट्रैफिक नियम पालन करने में पहले नंबर पर ला सकते हैं ताकि दुनिया हमारी मिसाल दें। दिन के 24 घंटों में से 1 घंटा तो देश के लिए जी कर देखें। नियम तो जानवरों पर लागू नही होतें’। इसी प्रकार, दूसरे प्लेकार्ड पर लिखा है -‘किसी मंदबुद्धि को ट्रैफिक नियम तोड़ते देख..आपको भी ऐसा करने का अधिकार नही मिल जाता। आप तो समझदार बने रहें।’
जब इस बारे में जब सैक्टर-4/7 के ईएएसआई हंस राज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लोगों को ट्रैफिक नियमों की पालना के लिए प्रेरित करने के लिए केवल चालान करना ही काफी नही है बल्कि उनकी मानसिकता में बदलाव लाने की जरूरत है। नियमों का उल्लंघन करके वे स्वयं की जान को तो जोखिम में डालते ही हैं, साथ ही उनकी एक छोटी सी लापरवाही से दूसरे लोगों की भी जान को खतरा होता है। इसके साथ ही कई बार ऐसे लोगों के कारण बेवजह ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति सचेत करने के लिए आरएसओ धर्मबीर की मदद से हमने इस मुहिम की शुरूआत की है जिसके  सकारात्मक परिणाम आने भी शुरू हो गए हैं। इस मुहिम के शुरू होने से लोगों में यातायात नियमों के प्रति अपेक्षाकृत ज्यादा जागरूकता आई है।
गुरुग्राम पुलिस द्वारा दिए गए आंकड़ो के अनुसार गुरुग्राम जिला में जनवरी माह में सडक़ दुर्घटनाओं से  44 लोगों की मृत्यु हुई है। इसी प्रकार, फरवरी माह में 37, मार्च माह में 34, अप्रैल माह में 54 तथा मई माह में 46 लोग सडक़ दुर्घटनाओं के कारण मृत्यु का ग्रास बने हैं।
गुरुग्राम आयुक्त संदीप खिरवार के अनुसार सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ‘हरियाणा विजन जीरो’ तथा ‘डब्ल्यूआरआई’ के सहयोग से भी प्रौजेक्ट पर काम किया जा रहा है जिसके तहत शहर के जिन मुख्य मार्गों पर सबसे अधिक सडक़ दुर्घटनाएं होती है, उनकी पहचान कर वहां रोड़ इंजीनियरिंग में सुधार के कदम उठाने के साथ साथ जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा एक गंभीर मुद्द है। रोजाना लोग रैश ड्राइविंग, ओवर स्पीड, बिना हैलमेट दुपहिया वाहन चलाने या शराब पीकर गाड़ी चलाने ,ट्रैफिक नियमों को तोडऩे आदि विभिन्न कारणों के चलते सडक़ दुर्घटना का शिकार होते हैं।
उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा का उत्तरदायित्व केवल सरकार या किसी विशेष संस्था का ही नही है बल्कि इसके लिए समाज के सभी लोगों को भी सहयोग करना चाहिए। आज के समय में जो परिस्थितियां है उन्हें बेहतर करने के लिए लोगों में जागरूकता लानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे यातायात नियमों का पालन करने की आदत डालें और रैडलाइट जम्प आदि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर अपनी जान को जोखिम में ना डालें।
delhincrnews.in reporter

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