चार महीनों के इंतजार तथा बार बार ज्ञापन देकर याद दिलाने के बावजूद राज्य सरकार व आशा वर्कर्ज यूनियन हरियाणा के बीच एक फरवरी को हुये समझौते को लागू न किए जाने को लेकर आशा वर्करो की दो दिन के लिए हडताल शुरू हो गई। लघु सचिवालय पर आयोजित इस दो दिवसीय हडताल मे जिला भर की पीएचसी से सैंकड़ों आशाओ ने हिस्सा लिया। हडताल की अध्यक्षता जिला प्रधान मीरा देवी तथा संचालन मोनिकालक्ष्मी व सुमन ने किया.
हडताली आशाओ को संबोधित करते हुए आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान मीरा देवी ने कहा की आशा वर्कर यूनियन हरियाणा के साथ फरवरी 2018 को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की उपस्थिती में हुए समझौते को अभी तक लागू न करने के खिलाफ तथा किया गया समझोता तुरन्त प्रभाव से लागू करवाने के लिए जून से दोबारा राज्यव्यापी हड़ताल शुरू की हैI

उन्होंने सरकार को याद दिलाया कि हरियाणा की आशा वर्कर्ज आपको याद दिलाना चाहती हैं कि हमने 17 जनवरी से फरवरी तक राज्य व्यापी आंदोलन किया थाजिसके चलते एक फरवरी को सरकार ने समझौता किया तथा हमने अपना आंदोलन वापस ले लिया था। लेकिन इस समझौते को अभी तक लागू नहीं किया गया है। इस बीच हमारा डेलीगेशन कई बार स्वास्थ्य मंत्री एवं मिशन डायरेक्टर से मिला है। उन्होंने बारबार हमें यही आश्वासन दिया की नोटिफिकेशन जल्दी से जारी कर दिया जाएगा। मगर आज चार महीनों से ज्यादा का समय बीत जाने पर भी सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करने की जहमत नहीं उठाई। इस पर प्रदेश भर की हजारो आशाओ में हरियाणा सरकार के महिला विरोद्धी रूख पर भारी गुस्सा है और सरकार से बहुत ज्यादा नाराज भी है।

आशा वर्कर दिन रात काम करते हुये पूरे देश के जच्चाबच्चा के स्वास्थ्य की ज़िम्मेदारी संभाले हुये हैं। आशाओं के काम के बदौलत ही प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में अभूतपूर्व कमी आई है। पूर्ण टीकाकरण का ड्रॉपआउट रेट भी कम हुआ है और संस्थागत प्रसूति में बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थय विभाग के 40 से अधिक काम आशा वर्करों के हिस्से में आते हैं। मगर इसके बदले नाम मात्र की प्रोत्साहन राशि ही मिलती है। इसलिएकमरतोड़ महंगाई के दौर में आशाओं द्वारा वेतन बढ़ोतरी की मांग बिल्कुल जायज़ है। एक फ़रवरी को हुए समझौते को लेकर आशाओं में खुशी का महौला था जिसके लिए उन्होने सरकार का धन्यवाद भी किया था। इस बड़ौतरी की उम्मीद में आशा वर्कर्ज अपने काम को पहले से भी अधिक लगन से करने लगी थी। परंतु सरकार के इस संवेदनहीन रुख से प्रदेश भर की आशाओं में निराशा के साथ सरह आक्रोश भी पनपा है। आशाएँ इस आक्रोश को अभी तो केवल दो दिन की हड़ताल कर सरकार के लिए चेतावनी के रूप में प्रदर्शित कर रही हैं।

परंतु यदि सरकार इस पर भी नहीं चेती तो और आठ जून की शाम तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगा जिसकी ज़िम्मेदारी पूर्णरूप से हरियाणा सरकार की होगी। आशा वर्कर्ज सरकार से बार बार मांग रही हैं की उनके साथ हुये समझौते की अधिसूचना जारी करे मगर अपने किए वादों से पीछे हटते हुये आशाओं को डरानेधमकानेकाम से हटा देने की धमकीयां दे रहे हैं। 

delhincrnews.in reporter

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here