हरियाणा के गुरुग्राम न्यायिक परिसर में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा देश का पहला डिजिटल फ्रंट ऑफिस खोला गया है जिसका विधिवत उदघाटन हरियाणा विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायधीश अजय कुमार मित्तल ने किया। न्यायाधीश मित्तल ने उद्घाटन के बाद डीएलएसए के फस्र्ट फ्रंट आफिस के डिजिटल मेंटेनेंस करने के तौर तरीके का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर उनके साथ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायधीश एंव गुरुग्राम सैशन डिवीजन के प्रशासनिक न्यायधीश अनिल क्षेत्रपाल तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायधीश एवं हालसा के सदस्य सचिव पुनीश जिंदल भी मौजूद थे।
न्यायाधीश मित्तल ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि गुरुग्राम में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के डिजिटल फ्रंट ऑफिस में सारे रिकॉर्ड को डिजिटाइज किया जाएगा।  अभी तक इन रिकॉर्ड को मेंटेन करने के लिए रजिस्टरों का उपयोग किया जाता था। गौरतलब है कि अभी तक जेल में बंद कैदियों का रिकॉर्ड एक रजिस्टर में रखा जाता था और उनकी किस कोर्ट में किस दिन तारीख होगी यह उसमें दर्ज किया जाता रहा है। अब डिजिटल फ्रंट ऑफिस बनने से इस प्रकार के सारे रिकॉर्ड कंप्यूटर में दर्ज होंगे। इसके अलावा, कैदी तथा उसके अधिवक्ता को सुनवाई की अगली तारीख आदि के बारे में भी फ्रंट आफिस से पता करना आसान व शीघ्र संभव होगा।
न्यायाधीश मित्तल के अनुसार इस फ्रंट आफिस से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पास मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए जो प्रार्थी आते हैं उन्हें किस पैनल अधिवक्ता के पास भेजा गया है, इसका रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। उनका कहना था कि अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सभी गतिविधियां डिजिटल होंगी और पेपरलेस हो जाएंगी।
एक सवाल के जवाब में न्यायाधीश मित्तल ने बताया कि हरियाणा प्रदेश के सभी जिलों में डीएलएसए के फ्रंट ऑफिस हैं लेकिन गुरुग्राम डीएलएसए का फ्रंट ऑफिस देश का पहला डिजीटल फ्रंट ऑफिस बन गया है जिसमें एक हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है । यहां पर एक पैनल अधिवक्ता तथा एक पैरा लीगल वालंटियर भी उपलब्ध रहेंगे जो फ्रंट ऑफिस में मदद के लिए आने वाले लोगों की मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि इस डिजीटल ऑफिस में आने वाले प्रार्थी को बताया जाएगा कि वह किस न्यायालय में अपना केस दायर कर सकता है और यदि उसे दरखास्त आदि लिखनी नहीं आती है तो वह भी लिखने में मदद की जाएगी। एक अन्य सवाल के जवाब में मित्तल ने कहा कि इस डिजीटल फ्रंट ऑफिस को कॉल सैंटर से कनेक्ट किया जाएगा, जिससे कि किसी भी अभावग्रस्त व्यक्ति को फोन करके भी बताया जा सकेगा कि उसे कानूनी तौर पर कैसे राहत मिल सकती है।
उनका कहना था कि इस अनूठी पहल की शुरूआत देश में गुरुग्राम से हो रही है। यही नहीं, इस डिजिटल फ्रंट ऑफिस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी जो लोगों को न्याय दिलाने में सहायक होगी । उदाहरण देते हुए श्री मित्तल ने बताया कि यदि कोई अधिवक्ता जिला जेल में किसी कारणवश नहीं जा सकता तो वह अपने मुवकिल अथवा क्लाइंट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर पाएगा । उन्होंने बताया कि यहां सफल होने के बाद डिजिटल फ्रंट ऑफिस के इस मॉडल को हरियाणा के सभी जिलों में लागू किया जाएगा।
एक अन्य सवाल के जवाब में न्यायधीश श्री मित्तल ने बताया कि गुरुग्राम में आज विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा प्रदेश का पहला अधिकारों का मेला आयोजित किया गया है और अगले महीने 6 जुलाई को इसी प्रकार का मेला करनाल में लगाया जाएगा।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायधीश तथा डीएलएसए के चेयरमैन आर के सोंधी, डीएलएसए के सदस्य सचिव एवं सीजेएम नरेन्द्र सिंह, जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार, अतिरिक्त उपायुक्त आर के सिंह, जिला परिषद् की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिनार चहल,  जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव, श्री माता शीतला देवी पूजा स्थल बोर्ड की सदस्य अनु यादव, पुलिस शहीद फाऊंडेशन के संयोजक आर एल शर्मा , जीआईए के महासचिव दीपक मैनी, अधिवक्ता हरकेश शर्मा, गुरुग्राम जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान कुलभूषण भारद्वाज, भाजपा नेत्री योगिता धीर, अधिवक्ता अर्चना चौहान, राजबाला, सुनील शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। मेले में आए लोगों के लिए दोपहर के भोजन का इंतजाम सांई भगत राकेश जुनेजा बैग मेकर द्वारा किया गया था।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in

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