हरियाणा के वितमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार को गुरुग्राम से जितना राजस्व प्राप्त हुआ है, उससे ज्यादा राशि यहां विकास कार्यो पर खर्च की गई है। वे गुरुग्राम में नैरडको द्वारा आयोजित दूसरी ग्लोबल इंवैस्टमेंट समिट में परिचर्चा के दौरान संबोधित कर रहे थे। नारेडको हरियाणा द्वारा आयोजित ग्लोबल इनवेस्टमेंट सम्मिट में ‘‘हरियाणा रियल्टी-डेवलपिंग एन इनक्लूसिव एंड सस्टेनेबल रियल्टी मार्केट’’ पर एक सेशन को संबोधित करते हुए कैप्टन अभिमन्यु सिंह ने बताया कि सरकार पहले ही एक एकीकृत लाइसेंसिंग नीति और कई अन्य नीतियों को लागू कर चुकी है। राज्य भर में, विशेष रूप से गुरुग्राम में उपयुक्त आधारभूत संरचना का निर्माण किया गया, लेकिन इस तरह के नीतिगत उपायों का लाभ उद्योग अभी भी पूरी तरह से उठा नहीं पाया है।
उन्होंने कहा कि ‘‘एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि प्रदेश में स्टांप ड्यूटी से लगभग 1,000 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था जिसमें से गुरुग्राम का हिस्सा 300 करोड़ रुपए था जबकि शेष 700 करोड़ रूपए हरियाणा के बाकी हिस्सों से प्राप्त हुआ। किसी विषेश का जिक्र ना करते हुए राज्य के वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने राज्य के रियल एस्टेट बिल्डरों और डेवलपर्स को काफी अधिक संस्थागत समर्थन दिया है और बदले में काफी कम राजस्व मिला है। इसलिए, उन्होंने रीयल एस्टेट से जुड़े उद्यमियों से अपील की है कि वे ईडीसी अर्थात् एक्सटर्नल डिवलेपमेंट चार्जिज का भुगतान करें ताकि बिल्डर के क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्य करवाए जा सके। साथ ही उन्होने बताया कि अभी बिल्डर क्षेत्र में राज्य सरकार अपने कोष से विकास के कार्य करवा रही है।
वितमंत्री ने प्रधानमंत्री के 2022 तक सबको आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुग्राम और एनसीआर इस सपने को पूरा करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि हम गुरुग्राम को इस प्रकार से विकसित करना चाहते हैं कि यहां पर हाई क्वालिटी लाईफ स्टाईल हो और यह भारत का ग्लोबल सिटी बने जहां पर शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रहने की दृष्टि से विश्व स्तरीय जीवनशैली हो। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि गुरुग्राम सर्विस सैक्टर का हब बनने की क्षमता है। सर्विस सैक्टर में यह शहर देश का ग्रोथ कैटेलिस्ट बन सकता है, इसलिए हमारा ध्यान गुरुग्राम  के विकास पर केंद्रित है। उन्होंने यह भी कहा कि केएमपी एक्सप्रेसवे के बनने से गुरुग्राम के विकास को और गति मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे अगले दो महीनों में तैयार हो जाएगा और इसके दोनो तरफ विकास की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि केएमपी के साथ कई गुरुग्राम बन सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि द्वारका एक्सपै्रस-वे भी 18 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। इस मौके पर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी उमाशंकर ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा डिजीटल और जमीनी स्तर दोनो तरह की कनैक्टिविटी पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले मानसून तक गुरुग्राम फाईबर युक्त सिटी बन जाएगा।, जिसमें मानेसर भी शामिल है। उन्होने बताया कि शहर में ऑप्टीकल फाईबर बिछाने के लिए दो लैटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किए जा चुके हैं तथा दो अन्य एलओआई पाईपलाईन में हैं।
उन्होंने जमीनी कनैक्टिविटी के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि सिरहोल बोर्डर, अतुल कटारिया चौक, महावीर चौक तथा हुडा सिटी सैंटर चौक पर वाहनों का आवागमन सुचारू करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि द्वारका एक्सप्रैस-वे के रास्ते में जो अवरोध थे, उनकी अंतिम सुनवाई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक चंद्र शेखर खरे द्वारा कल कर ली गई है।
उमाशंकर ने बताया कि गुरुग्राम के लिए व्यापक मोबिलिटी प्लान तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के नए सैक्टरों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में जो बाधाएं थी उन्हें भी धीरे-धीरे दूर किया जा रहा है। सैक्टर-58 से 67 में पेयजल आपूर्ति उपलब्ध करवा दी गई है। इसके साथ उन्होंने सैक्टर-81 से 95 में 24 मीटर सडक़ बनाने में आ रही दिक्कत को दूर करने के लिए रीयल एस्टेट डिवलेपर से सहयोग मांगा।
इस मौके पर एचएसवीपी के प्रशासक चंद्र शेखर खरे, नारेडको हरियाणा के चेयरमैन राजीव तलवार,  नारेडको हरियाणा पे्रजिडेंट प्रवीण जैन, एम3एम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बसंत बंसल और एडवांस इंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के दलजीत सिंह ने भी अपने विचार रखे।
delhincrnews.in reporter

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