जिला में किसानों की आय को दोगुना करने व अच्छी तथा उन्नत किस्म की पौध तैयार करने के उद्द्ेश्य से चलाए जा रहे हाईटैक ग्रीन हाऊस में इस बार किसानों ने रिकॉर्ड तोड़ पौध तैयार करवाते हुए इतिहास रचा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुस्सजित इस हाईटैक ग्रीन हाऊस में इस बार मई माह में 2 से ढाई लाख पौध तैयार की गई है।
इस हाईटैक ग्रीन हाऊस की विशेषता यह है कि इसमें बेमौसमी सब्जियों की उन्नत पौध तैयार की जाती है। फिलहाल इस ग्रीन हाऊस में 1 लाख टमाटर, डेढ़ लाख गोभी तथा 60 से 70 हज़ार शिमला मिर्च की पौध तैयार की जा रही है, जोकि अब तक दर्ज की गई मई माह की सबसे अधिक पौध है। इस ग्रीन हाऊस के अत्याधुनिक व विशेष प्रकार के उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है ताकि पौध अच्छी तैयार हो और लगाई गई पौध को उसके अनुकूल तापमान उपलब्ध करवाया जाए। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में यह ग्रीन हाऊस मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस ग्रीन हाऊस की अन्य विशेषताओं में एक विशेषता यह भी है कि इसे ‘नो प्रोफिट, नो लॉस’ की तर्ज पर तैयार किया गया है। यहां किसान एक रूपये प्रति पौध की दर से अपनी पौध को तैयार करवा रहे हैं जोकि मैटिरियल व लेबर कॉस्ट है। किसानों को इस ग्रीन हाऊस में पौध तैयार करवाने के लिए बागवानी विभाग द्वारा 50 प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जाती है।
गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि यह ग्रीन हाऊस 2,176 वर्ग मीटर भूमि पर विकसित किया गया है। वर्ष 2013 में शुरू किए गए इस हाईटैक ग्रीन हाऊस को लगभग 78 लाख रूपये की लागत से तैयार किया गया। प्रदेश में इसी प्रकार का एक ग्रीन हाऊस घरौंडा में बनाया गया है लेकिन क्षेत्रफल के हिसाब से यह प्रदेश का सबसे बड़ा ग्रीन हाऊस है। यह हाईटैक हाऊस किसानों को आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला बागवानी अधिकारी डा. द्द्ीन महौम्मद के अनुसार जुलाई व अगस्त माह में तैयार की जाने वाली सब्जियों जैसे-टमाटर, गोभी व शिमला मिर्च की पौध को इस हाईटैक ग्रीन हाऊस के माध्यम से अभी तैयार किया जा रहा है। जुलाई व अगस्त माह तक ये पौध पूरी तरह से तैयार हो जाएगी जिसका फायदा ये होगा कि ये सब्जियां बाजार में इसके सीज़न से पहले ही आ जाएगी और किसानों को अपनी सब्जियों के उंचे दाम मिलेंगे।
पौध की देखरेख के लिए विशेषज्ञों की टीम का गठन किया गया है ताकि उन्नत किस्म की पौध तैयार करके समय पर किसानों को दी जा सके। इस हाईटैक ग्रीन हाऊस में उत्तम किस्म की पौध तैयार की जा रही है जो किसानों के लिए कम जोत भूमि पर ज्यादा पैदावार प्राप्त करने में उपयोगी है। शहरीकरण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है ऐसे में घटते कृषि क्षेत्र के चलते अच्छी व बेहतर पौध तैयार करने के लिए नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है।
यह ग्रीन हाऊस दूसरे ग्रीन हाऊसों से भिन्न है। हाईटैक ग्रीन हाऊस में किसी भी मौसम में पौध की जरूरत के अनुरूप वातावरण तैयार करके पौध विकसित की जाती है और उस पर मौसम का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता जबकि सामान्य ग्रीन हाऊस में प्राकृतिक वायुसंचार के द्वारा पौध तैयार की जाती है।
हाईटैक ग्रीन हाऊस में पौध तैयार करवाने के लिए किसानों को बागवानी विभाग को लगभग 40-50 दिन पहले सूचित करना होता है क्योंकि पौध तैयार होने में कम से कम इतना समय लगता है। हाईटैक ग्रीन हाऊस में तैयार की गई उन्नत पौध पूरी तरह से रोगमुक्त होगी। जिला गुरुग्राम में दिन-प्रतिदिन भूजल स्तर कम होता जा रहा है, ऐसे में हाईटैक ग्रीन हाऊस किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस ग्रीन हाऊस में ऐसी तकनीक के माध्यम से सिचांई की जाती है जिससे पारम्परिक सिंचाई विधि की तुलना में लगभग 60 से 70 प्रतिशत पानी की बचत की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस हाईटैक ग्रीन हाऊस के आने से दक्षिण हरियाणा के किसानों को खास तौर पर लाभ होगा क्योंकि इसमे मेवात, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम व रेवाड़ी के किसान अपनी मांग के अनुसार यहां पौध तैयार करवा सकेंगे।
delhincrnews.in reporter

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