वन एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अब ड्रोन के माध्यम से वन क्षेत्रों तथा अरावली श्रृंखला में चल रही गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी। हरियाणा के लोक निर्माण तथा वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने इस दिशा में अनूठी पहल की शुरूआत करते हुए सैक्टर-52 स्थित बटरफ्लाई पार्क से दो ड्रोन्स को लांच किया।
उन्होंने गुरुग्राम फोरेस्ट डिवीजन में चल रही गतिविधियों व कार्यों का भी अधिकारियों की टीम के साथ निरीक्षण किया। सबसे पहले वन मंत्री ने गुरुग्राम के सैक्टर-52 में बटरफ्लाई पार्क का निरीक्षण किया। इस बटरफ्लाई पार्क में पहुंचकर मंत्री ने पौधा लगाया और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। इसके बाद वन मंत्री ने इनडोर कंजरवेटरी का निरीक्षण किया। मंत्री ने आज वन और वन्यजीव विभाग हरियाणा में दो ड्रोन्स को इंट्रोड्यूज़ करते हुए कहा कि इन ड्रोन कैमरों के माध्यम से वन क्षेत्रों तथा अरावली श्रृंखला में चल रही गतिविधियों पर नज़र रखने में आसानी होगी। ड्रोन सर्वे के माध्यम से वन, स्वास्थ्य, अनआइडेंटिफाइड एरिया की पहचान कर उनमे वन सरंक्षण करने संबंधी नई पहल शुरू करने आदि में मदद मिलेगी।
-सैक्टर-52 की नर्सरी मे भी पहुंचे मंत्री
इसके साथ ही वन मंत्री ने अधिकारियों के साथ सैक्टर-52 स्थित पौधों की नर्सरी का भी दौरा किया। इस नर्सरी में इस साल तैयार किए गए स्वदेशी प्रजातियों के टॉल प्लांट नीम , पीपल, बड़, गुलर के पेड़, मोलश्री का पेड़, पिलखन का पेड़ को देखा। मंत्री ने अर्बन फोरेस्टरी के तहत लगाए जाने वाले पेड़ो को देखा और कहा कि वे इस नर्सरी में पहले भी आ चुके है, लेकिन इस बार नर्सरी में अच्छा काम हुआ है और उन्हें यहां पौधों को देखकर अच्छा महसूस हुआ।
-गांव टीकली में विकसित होगा सिटी फोरेस्ट 
पर्यावरण संरक्षण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री तथा वन मंत्री राव नरबीर सिंह गुरुग्राम जिला के गांव टीकली में सिटी फोरेस्ट बनाने की पहल की भी जल्द ही शुरूआत करने जा रहे है। इस पार्क के निर्माण पर 1 करोड़ रूपये से भी अधिक की राशि खर्च किए जाने की योजना है। इस पार्क की आधारशिला विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को गांव टीकली में रखी जाएगी।
लोक निर्माण मंत्री ने आज इस सिटी फोरेस्ट को लेकर गांव टीकली का दौरा किया। जिला वन अधिकारी दीपक नंदा ने मंत्री को बताया कि इस फोरेस्ट को तैयार करने के लिए विभागीय टीम द्वारा सर्वे कर सभी तैयारी पूरी की जा चुकी है। यह फोरेस्ट पंचायत की लगभग 19 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा जिसे लेकर पंचायत के साथ 15 साल का अनुबंध किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि इस जमीन पर मौजूद तालाब को रिवाइव किया जाएगा तथा जलग्रह से पानी को चैनलाइज कर इसका सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। इसके साथ इस फारेस्ट में सुंदर पौधे लगाए जाएंगे ताकि यहां आने वाले लोगों को स्वच्छ व निर्मल वातावरण मिलने के साथ सुखद अनुभूति हो। इस जमीन पर नीम, पीपल व बरगद आदि के साथ कई सुंदर पौधे लगाए जाएंगे। इस एरिया में मचान(ऊंचे एरिया) को भी विकसित किया जाएगा और यहां आने वाले लोगों के घूमने के लिए ट्रेक बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस बार मानसून के मौसम में ही इन पौधों को लगाया जाएगा। इस सिटी फारेस्ट को वित्त वर्ष 2018-19 के अंत तक तैयार कर लिया जाएगा।
वन मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम जिला को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग द्वारा ये पहल शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने उत्तरदायित्वों को समझना होगा और इस कार्य में अपना सहयोग देना होगा तभी हम आने वाली पीढ़ी के भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि वातावरण में बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए जरूरी है कि हम अधिक से अधिक पेड़ लगाए और प्रकृति को हरा-भरा रखने में अपना सहयोग दें। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अपने आस-पास खाली स्थान पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएं और अपने घरों में भी इन-हाऊस प्लांट लगाकर वातावरण को प्रदूषण मुक्त बनाएं।
delhincrnews.in reporter

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