यशोदा हॉस्पिटल में 6 मई रविवार को बच्चों में होने वाली एलर्जी का विशाल स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, इस कैंप में बाल रोग एलर्जी विशेषज्ञ द्वारा निशुल्क परामर्श दिया गया; साथ ही बच्चों में अस्थमा और एलर्जी के इलाज के बारे में परामर्श दिया गया। बहुत सारे मरीजों की ऑन द स्पॉट स्क्रीन पर एक टेस्ट जांच की गई जिसके माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश की गई कि मरीज किस प्रकार के अलर्जन या पदार्थ से एलर्जी रखता है इन पदार्थों या तत्वों में खाने की चीजों जैसे जैसे फल तेल सब्जियां शरीर में लगाने वाले सरसों के तेल नारियल के तेल, अंडा, मीट, मछली, काजू बादाम, अखरोट आदि 175 से भी ज्यादा चीजों की एलर्जी की जांच की गई।

कैंप में डॉक्टर आशीष प्रकाश, डॉक्टर अरुण कुमार, डॉ करन रहेजा, डॉक्टर अनिल और डॉक्टर बृजेश प्रजापत ने मरीजों को मुफ्त परामर्श दिया तथा 100 से भी ज्यादा मरीजों को इस कैंप के माध्यम से इलाज जानकारी एवं जागरुकता प्रदान की करण रहेजा ने बताया कि बच्चों में एलर्जी के मुख्य लक्षण बार बार पॉटी निकलना बार बार सर्दी खांसी होना लगातार सांस की दिक्कत रहना शरीर पर लाल रंग के चकत्ते पड़ना और खुजली होना यह सब होते हैं । सामान्य तौर पर डॉक्टर इन का जनरल इलाज करते रहते हैं और बच्चे स्वस्थ नहीं होते ऐसी अवस्था में बच्चों का एलर्जी टेस्ट कराया जाना चाहिए और एलर्जी टेस्ट के माध्यम से जब यह पता चल जाए कि बच्चा किस चीज से की एलर्जी से ग्रसित है तो उसका इलाज हम यशोदा हॉस्पिटल में इम्यूनोथेरेपी विधि से करते हैं जिससे कि 3 से 4 साल में बच्चे को उस पदार्थ या तत्व की एलर्जी से राहत मिलने की काफी संभावना रहती है

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