गुरूग्राम जिले के सुखराली स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला के अध्यापकों द्वारा विद्यालय में एक अनूठी पहल को मूर्त रुप दिया गया। जिसमें विद्यालय के सभी छात्रों और अध्यापकों ने मिलकर एक पुस्तकालय कक्ष को तैयार किया। जिसमें परिस्थितियों के अभाव को और साधनों के अभाव को दरकिनार करते हुए बच्चों के अधिगम स्तर और शिक्षण स्तर के अनुसार पुस्तकों को किसने सजाया गया और हर विद्यार्थी को उसकी मनपसंद बुक पढऩे के अवसर प्रदान किए।
इस पुस्तकालय कक्ष की विशेषता यह है कि पूरे के पूरे कक्ष को व्यवस्थित और संचालन बच्चों द्वारा ही किया जाता है। बच्चे स्वयं पुस्तकालय पीरियड में कक्षाओं के बच्चों को लाते हैं और उन्हें स्वेच्छा से अधिगम करने हेतु प्रेरित करते हैं और समस्त पुस्तकों का रिकॉर्ड व्यवस्थित करते हैं।
यह जानकारी देते हुए संस्था की मुख्य अध्यापिका अनीता शर्मा ने बताया कि हर बच्चे को पुस्तक पढऩा बड़ा अच्छा लगता है और नई नई पुस्तकों से उसके ज्ञान में वृद्धि होती है और साथ-साथ बच्चा नए ज्ञान को प्राप्त करता है। मुख्य अध्यापिका ने बताया कि हमें अपने देश प्रेम की भावना को जागृत करने के लिए देश के शहीदों की पुस्तकों को पढऩा बहुत जरूरी है और उनसे हमें सीख लेनी चाहिए कि आज जिस आजादी की हवाओं में हम सांस ले रहे हैं वह आजादी बड़े ही संघर्ष के उपरांत हमें प्राप्त हुई है।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in

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