हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने गुरुग्राम के आर्टिमिस अस्पताल में हरियाणा की पहली चैस्ट फोरम की दो दिवसीय कान्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए कहा कि हरियाणा को सर्वश्रेष्ठ बनाना चाहते हैं, इसके लिए यह पहल इस फोरम द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि हम अपनी खराब आदतों के कारण कई बीमारियां पाल लेते हैं, उसके बारे में जागरूकता फैलाकर उन बीमारियों को होने से रोका जा सकता है।
प्रो. सोलंकी ने छाती रोगों के फैलाव को रोकने के लिए फोरम द्वारा चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मानव की सेवा का काम है जिसकी देश को जरूरत है। इसके साथ राज्यपाल ने यह भी कहा कि वे हरियाणा को बिमारी ग्रस्त राज्य नही मानते थे क्योंकि इस राज्य की उपलब्धियां देश ही नही विदेशो मे भी हैं। दूसरे राज्यों के लोग हरियाणावासियों को सशक्त मानते हैं। आमतौर पर कहा जाता है कि ‘देसां में देस हरियाणा, जित दूध दही का खाणा’ तो जहां खान पान अच्छा हो और प्रदेश के खिलाडिय़ों ने अपना लोहा दुनिया में मनवाया हो, उसे सभी सशक्त ही मानेंगे। उन्होंने बताया कि हाल ही में आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में संपन्न हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को मिले कुल 66 पदकों में से 22 पदक हरियाणा के खिलाडिय़ो ने जीते हैं जबकि हरियाणा की आबादी देश की कुल आबादी की मात्र 2 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा जिस काम को हाथ में लेता है तो उसमें अभूतपूर्व परिणाम मिलते हैं। प्रो. सोलंकी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनवरी 2015 में हरियाणा के पानीपत से शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय देश के 100 जिलों में लिंगानुपात गड़बड़ाया हुआ था जिनमें से 16 जिले हरियाणा के थे। उस समय हरियाणा का लिंगानुपात 1,000 लडक़ों के विरूद्ध 830 लड़कियों का था जो अब बढक़र 1,000 लडक़ों के विरूद्ध 914 का हो गया है और अब यह अनुमान लगाया जा रहा है कि एक साल में यह अनुपात 950 हो जाएगा। प्रो. सोलंकी ने कहा कि इसी प्रकार इंडियन चैस्ट सोसायटी की हरियाणा इकाई इलाज के साथ लोगोंं में जागरूकता लाकर प्रदेश से छाती व क्षयरोगों का सफाया करने में सफल रहेगी। हरियाणा इकाई का गठन हुए अभी मात्र एक वर्ष ही हुआ है।
प्रो. सोलंकी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नया भारत  बनाने के प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि इसमें हरियाणा अव्वल है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत हरियाणा में 3 लाख परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए। पूरा प्रदेश ओडीएफ हो चुका है तथा हरियाणा डिजीटल क्रान्ति तथा ईज़ आफ डूइंग बिजनेस में देश में नंबर वन है। उन्होंने नीति आयोग का भी जिक्र किया और कहा कि यह नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ ट्रांसफोर्मिंग इंडिया का आयोग है। प्रधानमंत्री बार बार कहते हैं कि हमे देश में रिफोर्म नही अपितु परफोर्म करना है ताकि देश ट्रांसफोर्म हो सके।
इससे पहले आयोजन समिति के अध्यक्ष डा. हिमांशु गर्ग, सचिव डा. प्रतिभा डोगरा, साईंटिफिक चेयरमैन सुशील धमीजा, एसोसिएशन ऑॅफ फिजिशियन्स ऑफ इंडिया के सचिव डा. कमल किशोर, आर्टिमिस अस्पताल की प्रबंध निदेशक तथा कार्यक्रम की संरक्षक डा. देबलिना चक्रबर्ती ने भी अपने विचार रखे। डा. गर्ग ने हरियाणा की संस्कृति में प्रचलित हुक्का पीने की ओर इशारा करते हुए कहा था कि इस संस्कृति को बदलने के लिए मुहिम चलानी पड़ेगी, जिसमें सभी के सहयोग की आवश्यकता है।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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