इस कार्यक्रम में गुरुग्राम जिला के लगभग 120 निजी स्कूलों के प्रमुखों तथा कुछ अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त आर के सिंह ने कहा कि 25 अपै्रल से शुरू होने वाले मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान में अपने स्कूल के 10वीं कक्षा तक के शत-प्रतिशत बच्चों को यह टीका लगवाकर अध्यापक तथा स्कूल प्रमुख इस अभियान के आईकन बने। उन्होंने अध्यापकों को समाज के पथ प्रदर्शक  बताते हुए कहा कि अच्छा अध्यापक वही होता है जो अपने विद्यार्थी को सोचना सिखाए और अध्यापक के लिए उसके विद्यार्थी का स्वास्थ्य सबसे महत्त्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि खसरा अर्थात् मीजल्स और रूबेला बीमारियों से बचाव के लिए यह टीका लगवाना अत्यंत आवश्यक है, चाहे किसी ने पहले भी यह टीका लगवा रखा हो। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान 9 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को खसरा और रूबेला बीमारियों से बचाव के टीके मुफत लगाए जाएंगे। इस अभियान में अभिभावकों, अध्यापकों,ख्चिकित्सकों सभी को एकजुट होकर बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए प्रत्येक बच्चे का टीकाकरण अवश्य करवाना है। उन्होंने कहा कि हमें किसी भी वर्ग का समर्थन नहीं चाहिए, बल्कि यह अभियान सभी का सामुहिक है और बच्चों को घातक बीमारियों से बचाने के लिए प्रयास करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा ‘एमआर का टीका-स्वस्थ जीवन का तरीका’, के स्लोगन को घर-घर पहुंचाना है।
इस कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एच ओ) की कन्सलटेंट डा. बिंदु यादव ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से एमआर टीकाकरण अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यह एक राष्ट्रव्यापी अभियान है और खसरा रोग को जड़मूल से खत्म करने तथा रूबेला बीमारी को नियंत्रित करने के लिए 9 माह से 15 वर्ष तक के  बच्चों को यह टीका लगाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि खसरा एक जानलेवा रोग है जोकि वायरस द्वारा फैलता है। बच्चों में खसरे के कारण विकलांगता और असमय मृत्यु हो सकती है। इसी प्रकार रूबेला एक संक्रामक रोग है जो वायरस द्वारा फैलता है। इसके लक्षण खसरा रोग जैसे होते हैं और यदि कोई महिला गर्भावस्था के शुरूआती चरण मे इससे संक्रमित हो जाए तो कन्जेनिटल रूबेला सिंड्रोम (सीआरएस) हो सकता है जोकि उसके नवजात शिशु के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने बताया कि यह टीका बिलकुल सुरक्षित है। टीकाकरण के लिए 25 अपै्रल से 5 सप्ताह का अभियान चलाया जाएगा। शुरू में दो सप्ताह के दौरान सभी स्कूल कवर किए जाएंगे और उसके बाद स्कूल से बाहर रहे बच्चों, जो स्कूल नहीं जाते, को कवर किया जाएगा। डा. यादव ने बताया कि सभी स्कूलों के प्रमुखों से उनके स्कूल में 10वीं तक के बच्चों की सैक्शन वाईज सूची मांगी गई है ताकि उसी अनुसार टीके भेजे जा सकें। उन्होंने बताया कि टीकाकरण केंद्र स्कूल में ही बनाया जाएगा। इसके साथ उन्होंने विद्यालय प्रमुखों से अपील की कि वे इस टीकाकरण के बारे में अभिभावकों को भी जागरूक करें और बताएं कि यह टीका लगवाना जरूरी है। अभियान के दौरान स्कूल प्रमुख को प्रतिदिन यह रिपोर्ट देनी होगी कि कितने बच्चों को टीका लगा है और किस कक्षा के कितने बच्चे छूट गए हैं तथा छूटने का कारण क्या रहा। डा. यादव ने बताया कि प्रतिदिन के आधार पर रिपोर्ट संकलित करके  जिला स्तर से राज्य को तथा वहां से राष्ट्रीय स्तर पर भेजी जाएगी, जहां पर इसकी मोनिटरिंग होगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिस प्रकार से वर्ष-2017 में भारत पोलियों मुक्त हो गया है उसी प्रकार से अब खसरा और रूबेला को खत्म करने की बारी है।
सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा ने बताया कि हर बच्चे को ऑटो डिसेबल सीरिंज से टीका जाएगा। एक टीम में चार सदस्य होंगे और तीन टीमों पर एक सुपरवाईजरी टीम तैनात की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए उपायुक्त विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स का गठन किया गया है जिसके कोर ग्रुप में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभागों के अधिकारियों के अलावा आईएमए, आईएपी तथा लायन्स क्लब के सदस्य शामिल हैं।
इंडियन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) के सचिव डा. अभिषेक गोयल ने यह अभियान चलाने के लिए सरकार  की सराहना की और कहा कि उनकी दो बेटियां डीपीएस पब्लिक स्कूल में पढती हैं उन्हें भी यह टीका यहीं स्कूल में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक यह टीका देश के 13 राज्यों में 6.5 करोड़ बच्चों को लगाया जा चुका है। हरियाणा प्राईवेट स्कूल कान्फें्रस के अध्यक्ष कर्नल कुंवर प्रताप यादव ने इस अभियान में निजी स्कूलों की तरफ से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रविंद्र कुमार ने आशा जताई कि चूंकि यह टीका बच्चों का स्वास्थ्य बेहत्तर बनाने के लिए है इसलिए सभी विद्यालय इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देंगे। कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन की कन्सलटेंट डा. बिंदु यादव, सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा, उप सिविल सर्जन डा. नीलम थापर, टीकाकरण के अर्बन नोडल अधिकारी डा. एमपी सिंह, समेकित बाल विकास सेवाएं की कार्यक्रम अधिकारी सुनैना,  बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रभा यादव, डीपीएस पब्लिक स्कूल की प्राचार्या आदिति मिश्रा, एचडीएफसी स्कूल की प्राचार्या अनिता मक्कड़, हरियाणा प्राईवेट स्कूल कान्फें्रस के अध्यक्ष कर्नल कुंवर प्रताप यादव, सचिव राजीव, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रविंद्र कुमार, डीएवी पब्लिक स्कूल सैक्टर-14 की प्राचार्यां अपर्णा एैरी, आईएपी के सचिव डा. अभिषेक गोयल सहित विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रमुख तथा डीपीएस स्कूल के कुछ बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in 

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