राजकीय महाविद्यालय जाटौली हेलीमण्डी में संस्कृत भारती द्वारा आयोजित संस्कृत संभाषण शिविर का समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृत भारती के उतर क्षेत्रीय संगठन मंत्री जय प्रकाश, हरियाणा के उपाध्यक्ष डा. श्रेयांश द्विवेदी, गुरुग्राम के जिला संयोजक प्रमोद कुमार तथा महाविद्यालय में प्राचार्य सुरेश धनेरवाल के करकमलों द्वारा दीप प्रज्जवलन और सरस्वती पूजन से किया गया।
मुख्य अतिथि जय प्रकाश ने संस्कृत भारती संगठन का परिचय देते हुए कहा कि कार्यकर्ता नि:स्वार्थ भाव से संस्कृत की सेवा में कार्यरत है। संस्कृत में विज्ञान निहित है किंतु आज उसका प्रयोग कर उसे सिद्ध करने की आवश्यकता है और यह दायित्त्व युवा पीढी पर है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने संस्कृत में अनुभव, संवाद, नाटक आदि प्रस्तुत किए। प्राचार्य ने अतिथियों का स्वागत कर छात्रों को बधाई दी।
संभाषण शिविर में छात्रों को संस्कृत संभाषण का प्रशिक्षण दिया गया। विशिष्ट अतिथि श्रेयांश ने संस्कृत का महत्त्व बताते हुए कहा कि संस्कृत किसी जाति धर्म विशेष की भाषा नहीं है यह नैतिक मूल्यों की भाषा है और संस्कृत बोलते हुए हमें गर्व अनुभव करना चाहिए लज्जा नहीं। शिविर के संयोजक महाविद्यालय के संस्कृतार्चा श्री सुनील कुमार थे। कार्यक्रम मेे हीरालाल, पवन, गजब तथा महाविद्यालय के आचार्य अजय कुमार, पवन कुमार तथा आशुतोष उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्रों को प्रमाण पत्र वितरित कर संकल्प और शांति मंत्री से समापन किया गया।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in

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