चैत्र नवरात्र के प्रथम दिवस कलश स्थापन के मौके पर  विधि-विधान के साथ सेक्टर-15 पार्ट-एक 9 कुंडीय महायज्ञ की शुरुआत हुई। महायज्ञ स्थल श्रीराधा-कृष्ण मंदिर से कलश यात्रा के साथ पारंपरिक परिधान में महिलाएं माथे पर कलश लेकर सेक्टर के गलियों में नगर भ्रमण कर धर्म स्थापन का संदेश प्रसारित किया और पुन: महायज्ञ स्थल पहुंचकर संपन्न हुआ। श्रीहरिओम महाराज के सानिध्य में शुरू हुए 77वां जनकल्याण शिव-शक्ति महायज्ञ के मुख्य यजमान वार्ड-19 के पार्षद अश्विनी शर्मा और प्रद्युम्न सपत्नीक विधि-विधान में शरीक हुए।

कलश यात्र के सपंन्न होने के बाद यज्ञ मंडप में अग्नि प्रज्वलित किया गया। वैदिक मंत्रोचार के बाद हवन प्रारंभ हुआ। इस दौरान बाहर से आए वैदिक पंडितों ने सस्वर मंत्रोचार किया। इस दौरान बड़ी संख्या भक्तजनों ने यज्ञ मंडप की प्रदक्षिणा भी की। शाम को संपन्न महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

इस दौरान श्रीहरिओमजी महाराज ने कहा कि सर्वत्र शांति व मानव कल्याण के उद्देश्य महायज्ञ प्रारंभ हो चुका है। यज्ञ मंडप के समीप बने पंडाल में श्रीमद्भागवत कथा सोमवार से शुरू होगा। उन्होंने भक्तजनों का आह्वान किया कि वे धर्मपरायणता के साथ यज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा में भाग लें।

Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in

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