नाजुक सा दिल रखती हैं मासूम सी होती हैं ये बेटियां, बात-बात पर रोती हैं नादान सी होती हैं ये बेटियां, है रहमत से भरपूर भगवान का खजाना होती हैं ये बेटियां, घर लगता है सूना-सूना जब घर से चली जाती हैं ये बेटियां। कुछ इन्हीं फिलिंग्स को अपने दिल में दबाए एक पिता ने अपनी बेटी को शादी करके विदा किया। बेटी को विदा तो हर मां-बाप करते हैं, लेकिन यहां हम एक ऐसी विदाई की बात कर रहे हैं, जो कि परिवार और मेहमानों के लिए यादगार बन गई। हर किसी ने उन माता-पिता और वर-वधू के प्रयास की सराहना की। शादी के निमंत्रण पत्रों पर भी बेटी बचाने के स्लोगन छपवाए गए थे।
शहर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन यानी आठ मार्च 2018 को दंपत्ति नीलम एवं संजय टुटेजा ने अपने बेटे राहुल टुटेजा की शादी दंपत्ति रजनी एवं पवन की पुत्री प्रिया के साथ किया। शादी को यादगार बनाने के लिए खुलकर खर्च भी किया गया था। तरह-तरह के पकवानों को याद रखने वाले मेहमानों के लिए लंबे समय तक याद रखने की एक और बात यहां पर हुई। पिछले तीन साल से बेटी बचाने के अभियान से जुड़े दूल्हे राहुल टुटेजा ने अपनी शादी में अग्नि के फेरे लेते हुए बेटी बचाने का संकल्प लिया। सेल्फी विद डॉटर अभियान के जनक सुनील जागलान की मौजूदगी में उन्होंने अपनी दुल्हन प्रिया के साथ सात फेरे लेने के बाद आठवां फेरा बेटी बचाने के नाम का लिया। यानी इस फेरे में उन्होंनें संकल्प लिया कि सात फेरों के सातों वचनों की तरह से आठवें फेरे के आठवें वचन में बेटी बचाएंगें। सिर्फ खुद नहीं, बल्कि दोनों दूसरों को भी इस पवित्र कार्य के लिए प्रेरित करेंगेंं। इन हसीन पलों के गवाह सुनील जागलान के साथ देश के सबसे लंबे यानी ऊंचे कद के पुलिस कर्मी राजेश कुमार, पार्षद दलीप साहनी, पार्षद सीमा पाहुजा, बंटी पाहुजा, एक आवाज संस्थ्ज्ञा के सुनील पैडमैन, युवा समाजसेवी राजकुमार सैनी, शिवसेवा से रितुराज समेत सैंकड़ों की संख्या में मेहमान बने। हर किसी ने नवयुगल के इस प्रयास की सराहना की।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter, delhincrnews.in

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