जिला में 7 मार्च से शुरू होने वाली 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में विद्यार्थियों को नकलरहित, भयमुक्त व तनावरहित परीक्षा का माहौल देने के उद्देश्य से उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने संबंधित सैंटरों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ये परीक्षा 7 मार्च से शुरू होकर 3 अप्रैल तक चलेंगी।
गुरुग्राम जिला में 10वीं कक्षा के लगभग 16,000 विद्यार्थी तथा 12वीं कक्षा के करीब 10,000 विद्यार्थी इस परीक्षा को देंगे। इन परीक्षाओं के लिए जिला में 71 परीक्षा केन्द्र बनाये गए हैं जिन पर 71 सैंटर सुपरीटेंडेंट नियुक्त किये गए है। परीक्षा का समय दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे रहेगा। परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षा के प्रश्रपत्रों को कलेक्ट करने के लिए दो सैंटर बनाए गए हैं। गुरुग्राम व सोहना खंड के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल तथा पटौदी व फरूखनगर ब्लॉक के लिए एसडीएम कार्यालय पटौदी को बनाया गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को शान्तिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए परीक्षा केन्द्रों की 200 मीटर परिधि में दंड प्रक्रिया अधिनियम 1973 की धारा-144 लगाई गई है। परीक्षा अवधि के दौरान फोटोस्टेट मशीनें बंद रखने के भी आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, परीक्षा केन्द्रों की 200 मीटर परीधि में अनाधिकृत व्यक्तियों के उपस्थित रहने पर भी पाबन्दी लगाई गई है।
उपायुक्त ने बताया कि  इस बार सैंटर सुपरीटेंडेंट के साथ एक पुलिसकर्मी अलग से नियुक्त किया गया है जो प्रश्रपत्र को क्लेक्शन सैंटर से कलैक्ट करने तथा उत्तरपुस्तिका को जमा करवाने तक उनके साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पूर्णतया नकलरहित संपन्न करवाने के लिए परीक्षा केन्द्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यदि किसी परीक्षा केन्द्र पर नकल होती है और फ्लाईंग स्कवायड द्वारा कोई विद्यार्थी नकल करते पाया जाता है तो ऐसी स्थिति में संबंधित स्कूल के सैंटर सुपरवाईजर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने बैठक में उपस्थित सैंटर सुपरीटेंडेंटों की समस्या भी सुनी और उनसे परीक्षा को शान्तिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे परीक्षा केन्द्र में बच्चों के पानी व शौचालय की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें और यदि किसी उन्हें परीक्षा नकलरहित व शान्तिपूर्ण संपन्न करवाने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी की आवश्यकता है तो जिला प्रशासन द्वारा उन्हें अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी उपलब्ध करवाए जा सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि जिन विद्यालयों में नकल की संभावना अधिक है उन विद्यालयों पर जिला प्रशासन द्वारा वहां पहले से पुख्ता इंतजाम किये जाएंगे ताकि इस बार वहां पर ऐसा ना हो। जिला में प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर 3-4 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे जो कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने सैंटर सुपरींटेंडेंट से कहा कि नकलरहित परीक्षा करवाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे और पूरी तत्परता से इस ओर काम करना होगा।
बैठक में उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव ने उपायुक्त को विश्वास दिलाया कि परीक्षा केन्द्रों पर नकलरहित परीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने मन में दृढ़ संकल्प करना होगा कि हम नकलरहित परीक्षा संपन्न करवाएंगे। परीक्षा केन्द्रों पर आने वाली छुट-पुट परेशानियों को सैंटर सुपरीटेंडेंट अपने स्तर पर ही दूर करने का प्रयास करें और यदि फिर भी कोई परेशानी आती है तो तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाएं। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि नकलरहित परीक्षा का ये मतलब बिल्कुल नही है कि बच्चों को इस बारे में डराया या धमकाया जाए बल्कि इसका मतलब है कि उन्हें एक अच्छा वातावरण प्रदान करके उन्हें नकलरहित परीक्षा देने के लिए पे्ररित करना है। आज आयोजित बैठक में सभी अधिकारियों को नकलरहित परीक्षा संपन्न करवाने के लिए शपथ भी दिलवाई गई।
बैठक में एसीपी लॉ एंड आर्डर जयसिंह, जिला परियोजना संयोजक मुकेश यादव, खंड शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन तथा संबंधित खंडों की शिक्षा अधिकारी सहित सैंटर सुपरवाईजर उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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