एमएसएमई विकास संस्थान करनाल के निदेशक मेजर सिंह ने बताया कि छोटे उद्योगों की आय को बढ़ाने व बडे उद्योगों की जरूरतों को जानने के लिए एमएसएमई  भारत सरकार द्वारा आगामी 7 व 8 मार्च को मानेसर (गुरूग्राम) के एचएसआईआईडीसी परिसर  में राष्ट्रीय स्तर का वेंडर विकास प्रोग्राम एवं औद्योगिक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में भारत के लगभग 200 एमएसएमई व उत्तरी भारत के लगभग 30 बडे उपक्रम द्वारा भी क्रय की जाने वाली विभिन्न सेवाएं एवं उत्पाद को प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य एमएसएमई में से नये वेंडर तलाशना है। कार्यक्रम का उद्घाटन अतिरिक्त विकास आयुक्त एमएसएमई भारत सरकार पीयूष श्रीवास्तव करेगे। एमएसएमई करनाल के निदेशक मेजर सिंह ने वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से मानेसर में आयोजित होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी के माध्यम से लघु उद्योगों के संचालक उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद की जानकारी देगें तथा बडे उद्योग प्रदर्शनी के माध्यम से सूक्ष्म उद्योगों के संचालकों से अपनी जरूरतों के उत्पादों के बारे में जानकारी लेंगें। ऐसे में दोनों के आपसी परस्पर तालमेल से छोटे उद्योगों के संचालक बडे उद्योगों की मांग के अनुसार अपना उत्पाद तैयार करेंगे, जिसकी खपत बड़े उद्योग में की जाएगी। सरकार की इस पहल से छोटे उद्योगों की आय के स्त्रोत बढ़ेगे तथा बडे उद्योगों की जरूरत को स्थानीय स्तर पर पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि देश में उद्योग विकसित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेगे और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने आह्वान किया कि सभी उद्योगों के संचालक इस कार्यक्रम में भाग लेकर लाभन्वित हो।
सिंह ने बताया कि एमएसएमई की पहल पर इस दो दिवसीय औद्योगिक प्रदर्शनी 2018 कार्यक्रम में वेंडर विकास प्रोग्राम एवं टैस्टिंग, कैलिबे्रशन, इंस्ट्रूमेंटेशन और संबंधित प्रोडक्टस का प्रदर्शन  किया जाएगा जोकि भारत सरकार की  पब्लिक प्रोक्योरमेंट पालिसी पर आधारित रहेगा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, क्लस्टर विकास प्रोग्राम की भी जानकारी दी जाएगी। इस औद्योगिक प्रदर्शनी में देश की जानी-मानी  कम्पनियां शामिल होगी, जिनमें इंडियन आयल कारपोरेशन, नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड, मारूती उद्योग लिमिटेड, भारतीय रेल, रक्षा मंत्रालय इत्यादि शामिल रहेगी। वीडियों कान्फे्रंसिंग में एमएसएमई के सहायक निदेशक सुनील कुमार, जगबीर पुनिया, डीके त्यागी, सतपाल, राकेश वैद आदि शामिल थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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