हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह तथा उनके साथ अमेरिका यात्रा पर गया दल वापिस लौट आया है। राव नरबीर सिंह ने इस यात्रा को सडक़ निर्माण की दृष्टि से काफी लाभदायक बताया और कहा कि इस यात्रा में हमने सडक़ निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाने के तरीके सीखें हैं।
अमेरिका से भारत वापिस लौटकर गुरुग्राम पहुंचे राव नरबीर सिंह ने बताया कि सैंट फ्रेंसिसको में यातायात प्रबंधन के विषय में लिंडसे नामक कंपनी के साथ बैठक की गई जिसमें हमने सीखा की किस प्रकार से एक ही सडक़ को सुबह जाते हुए पांच लेन और आने वाले रास्ते को तीन लेन तथा उसी दिन शाम को आने वाले रास्ते को पांच लेन और जाने वाले रास्ते को तीन लेन किया जा सकता है। कहने का तात्पर्य है कि सडक़ पर यातायात के दबाव के हिसाब से उसकी आने व जाने वाले मार्गों की चौड़ाई को कम या ज्यादा किया जा सकता है। इसके लिए जो मशीन प्रयोग में लाई जाती है उसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रूपये बताई गई है।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि दूसरे दिन हमारा सप्रंग नामक कंपनी में जाना हुआ जहां पर हमने देखा कि किस प्रकार लगभग 30 दिन के समय में सिंगल स्टोरी भवन का निर्माण किया जा सकता है। इस विधि से हम पीएचसी, सार्वजनिक शौचालय या ई सुविधा केन्द्रो का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने ये भी बताया कि कैलिफोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसफोरमेशन में हमें जानकारी मिली की किस प्रकार से हम सडक़ निर्माण के कार्य को गति प्रदान कर सकते हैं। प्री फैब्रिकेटिड गार्डर एवं डैक स्लैब के माध्यम से हम अपने पुलों का निर्माण आधे समय में कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अमेरिका के हॉस्टन में वाटर पी मूरे नामक कंपनी से विस्तार में पुलों के निर्माण के बारे में चर्चा हुई और जिन कामों को हम डेढ़ से दो वर्ष में पूरा करते हैं उन्हें हम कैसे कुछ सप्ताह में या कुछ महीनों में कर सकते हैं, की जानकारी मिली। राव नरबीर सिंह ने बताया कि इस तकनीक से सडक़ में पुल निर्माण के दौरान जनता को आने वाली समस्या कम से कम होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुल के नीचे से नया रास्ता बनाना हो तो उसका निर्माण एक महीने से भी कम समय में हो सके, इस तकनीक के बारे में भी विस्तार से चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर सडक़ के नीचे मिट्टी का जो भरत किया जाता है उसके कुछ स्थानों पर सैंपल लेकर हम उसे पास या फेल बताते हैं किंतु इंटेलिजेंट कॉम्पेक्शन में हम अपने रोलर पर इस प्रकार के सैंसर लगाते हैं जोकि हमे पूरी सडक़  की कंपेक्शन अर्थात् दबाव सडक़ के हर बिंदु पर बताता है और यदि कहीं कम्पेक्शन सही नही हुई तो उसके बारे में चिन्हित कर उसे ठीक करने का संकेत देता है। उन्होंने बताया कि इन सैंसरों से कई स्थानों पर सडक़ की कम कम्पेक्शन के कारण बैठने या धसने की समस्या से निजात मिलेगी और सडक़ की गुणवत्ता बढेगी। राव नरबीर सिंह ने बताया कि टीवाई लिन नामक कंपनी से मुलाकात के दौरान आरओबी की तीव्र गति से कैसे प्री फैब्रिगेटिड स्ट्रक्चरस के माध्यम से निर्माण किया जा सकता है, इस बारे में चर्चा की गई। इस दल के साथ हरियाणा लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ राकेश मनोचा तथा सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम भी गए हुए थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here