हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रकृति के साथ समन्वय अत्यंत आवश्यक है। प्रकृति के साथ समन्वय से ही मानव का जीवन संभव है। उन्होंने यह बात डीएलएफ साइबर हब में अरावली उत्सव में फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन करने के उपरांत संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कही। अरावली उत्सव के दौरान फोटो आधारित खास डॉक्यूमेंटेशन था जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों -जैसे विद्यार्थी, फोटोग्राफर, पक्षीप्रेमी, पर्यावरणविद्, संरक्षणवादी, शोधकर्ता व नीति निर्माता और आम जनता- के बीच हमारे जीवन में अरावली पर्वत श्रंृखला के महत्व के बारे में जागरुकता फैलाई गई। हरियाणा के सहकारिता राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ रहे।
खट्टर ने हरियाणा के लोगों को होली पर्व की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने होली को भाईचारा व सामाजिक सौहार्द से जुड़ा त्यौहार बताते हुए राज्य के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बरसाना की लठमार होली में भागीदारी करने का अवसर भी मिला है, जिसका उन्होंने भरपूर आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरावली के मांगर बनी क्षेत्र का स्वयं उन्होंने सर्वेक्षण किया और वन को बचाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की। अरावली क्षेत्र में नो कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा को 50 मीटर से बढ़ाकर 500 मीटर किया गया। अरावली उत्सव के आयोजन के लिए संस्था बधाई की पात्र है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जो भी संस्था कार्य करेगी उसे पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी को पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोगी बताया और प्रदर्शनी में योगदान करने वालों की सराहना भी की। इस अवसर पर उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में आयोजकों के लिए शुभकामनाएं भी दर्ज की। साइबर हब में अरावली उत्सव के दौरान विभिन्न प्रकार की गतिविधियां जिनमें फोटोप्रदर्शनी, 3डी ऐक्सपीरियेंस ज़ोन और अरावली में टॉक्स एंड वॉक्स – ये सब गतिविधियां आगंतुकों के लिए जानकारी से भरपूर रहीं। डीएलएफ  रेंटल बिजऩेस के प्रबंध निदेशक श्रीराम खट्टर ने कहा कि हमारे साझे पर्यावरण की सुरक्षा हम सभी के लिए बुनियादी महत्व का कार्य है। फोटोग्राफर आदित्य आर्या द्वारा संजोई गई 130 बिना फ्रेम की तस्वीरों की यह प्रदर्शनी थी। एक वर्ष की अवधि के दौरान 8 फोटोग्राफरों ने अरावली के लैंडस्केप को तस्वीरों में दर्ज किया है; ये फोटोग्राफर हैं- अंकुर दत्ता, आउन हसन नकवी, भावेश भाटी, मनु यादव, मोहित अग्रवाल, प्रखर पंत, सृष्टि भारद्वाज और संदीप बिस्वास। यह प्रदर्शनी अरावली को एक श्रद्धांजलि है जिसने कुदरत की चरम घटनाओं को सहा है और यह पहल इंडियन फोटो आर्काइव फाउंडेशन के तत्वाधान में की गई।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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