निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से स्कूल फीस वसूलने को लेकर फरीदाबाद की मंडलायुक्त एंव पंजाब एंव हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर शिक्षा विभाग हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा इस मामले में गठित कमेटी की चेयरपर्सन डा. जी. अनुपमा ने गुरुग्राम के लघु सचिवालय में डीपीएसजी स्कूल पालम विहार में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों की समस्याएं सुनी।
पंजाब एवं उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में निजी स्कू लों द्वारा की गई फीस वृद्धि के संबंध में विचाराधीन मामले सीडब्लयूपी नंबर- 20323 ऑफ 2017 की सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को फीस बढ़ोतरी से संबंधित शिकायत की सुनवाई के लिए कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया था। इस आदेश की पालना में डा. अनुपमा की अध्यक्षता में इस कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी के अन्य सदस्यों में संबंधित जिले का उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, चार्टेड अकाऊंटेंट तथा शिक्षाविद् आदि शामिल हैं।
बैठक में उपस्थित डीपीएसजी स्कूल पालम विहार में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों ने डा. अनुपमा को बताया कि समय पर फीस नही भरने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा उनके बच्चो के साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है। इतना ही नही, बच्चों व उनके अभिभावकों के नाम भी डिफाल्टरों की सूची में डालकर कक्षा के डिस्पले बोर्ड पर लगाए जाते हैं, जोकि गलत है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में बच्चों को कक्षा में बैठने तथा एग्जाम देने से भी रोका जाता है। डा. अनुपमा ने कहा कि गठित कमेटी के सदस्य फीस बढ़ोतरी को लेकर सभी महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच करेंगे और इस मामले में स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगेंगे।
उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों के लिए जरूरी है कि फीस बढ़ोतरी से पहले वे फार्म-6 भरकर शिक्षा विभाग कों दें जिसमेयह दर्शाया जाए कि अगले सत्र में वे कितनी फीस बढ़ोतरी करने जा रहे हैं। इसके साथ ही जरूरी है कि स्कूल प्रबंधन इस बारे में भी बच्चों के अभिभावकों को भी पहले से ही सूचित करे।
उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा किए जाने वाले अनुचित व्यवहार को कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा। बच्चों को वार्षिक परीक्षा से वंचित रखने को लेकर उन्होंने कहा कि एग्जाम से ठीक पहले बच्चों को इस प्रकार का प्रताडि़त करना गलत है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को लेकर भी किसी प्रकार का अहम् ना पाले और विवाद को सुलझाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए जरूरी है कि स्कूल प्रबंधन तथा अभिभावक आपस में तालमेल स्थापित करें और बच्चों के हितों के लिए एकजुट होकर काम करें, क्योंकि इससे बच्चे की पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने बैठक में उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव से कहा कि वे स्कूल प्रबंधन तथा बच्चों के अभिभावकों के साथ एक संयुक्त बैठक करें और उनमें सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करें।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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