जिला में अप्रैल से मीजल्स-रूबेला (एम आर) कैंपेन शुरू होने जा रहा है, जिसके तहत दसवीं कक्षा तक के सभी बच्चो को एक वैक्सीन लगाया जाएगाI स्वास्थ्य विभाग हरियाणा और गुरूग्राम जिला प्रशासन ने इस कैंपेन को सफल बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी हैI लघु सचिवालय के सभागार में विद्यालय प्रमुखों के साथ बैठक कर उन्हें इस कैंपेन के प्रति संवेदनशील किया गयाI

पहले बैठक राजकीय विद्यालयों के मुख्याओ की आयोजित हुई और उसके बाद प्राइवेट स्कूलों के प्रमुखों की बैठक का आयोजन किया गयाI बैठक को सिविल सर्जन डॉ बी के राजौरा और जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लता ने सम्बोधित कर सभी से इस एमआर कैंपेन को सफल बनाने का आह्वान कियाI डॉ राजौरा ने कहा कि एम आर कैंपेन जिला गुरूग्राम में मध्य अप्रैल से शुरू होगी, जिसमे 9 माह से 15 साल तक के सभी बच्चों को एक-एक टीका लगाया जायेगाI उन्होंने नारा दिया कि ‘एम आर का टीका, स्वस्थ जीवन का तरीका ‘ और कहा कि यह टीका लगवाना जरूरी है चाहे बच्चे को पहले लग चुका हो अथवा नहीं I उन्होंने यह भी कहा कि कैंपेन की तिथि बाद में घोषित होगी और कैंपेन के दौरान हर स्कूल को प्रतिदिन रिपोर्ट देनी होगी कि किस कक्षा में कितने बच्चे है, उनमे से कितनो को इंजेक्शन लगाया गयाI जो उस दिन गैर हाज़िर रहे उनकी सूची भी देनी होगी, ताकि उन्हें बाद में अगले दिन इंजेक्शन लगाया जा सकेI उन्होंने कहा कि सभी शत प्रतिशत बच्चो को कवर किया जायेगाI उन्होंने सभी स्कूल प्रमुखों से सोमवार तक अपने दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों की सूची भेजने का आग्रह किया है ताकि उसी अनुसार माइक्रो प्लान बनायीं जा सके I यह सूचना या कोई भी क्वेरी  diogurgaon@gmail.com या  uhcgurgaon2@gmail.com के इ -मेल पते पर भेजी जा सकती हैI जिला शिक्षा अधिकारी, प्रेम लता ने कहा कि इस कैंपेन में सभी स्कूल सहयोग दें और इस कैंपेन को लेकर जब भी कोई स्वास्थ्य कर्मी उनके यहाँ आये तो उसकी पूरी सहायता करें I
उप सिविल सर्जन एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नीलम थापर ने सभी विद्यालय प्रमुखों को से कहा कि एम आर वैक्सीन लगाने के लिए अभिभावकों को केवल सूचित कर दें और इसके लिए उनसे सहमति लेने की आवश्यकता नहीं है क्यों कि यह टीका पहले ही देश के 13 राज्यों के सवा 6 करोड़ बच्चो को लगाया जा चुका है और कही से कोई शिकायत नहीं मिली है, यह टीका बिलकुल सुरक्षित है I डॉ थापर ने कहा कि अभिभावक चाहें तो अपने निजी चिकित्सक से सलाह ले सकते है I उन्होंने बताया कि हमने इंडियन अकादमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स (आई ए पी ) को इस समबन्ध में सूचित कर रखा है और कोई भी चिकित्सक इसके लिए मना नहीं करेगा I डॉ थापर ने विद्यालय प्रमुखों से कहा कि वे अपने विद्यालय में इस अभियान के लिए एक नोडल टीचर नियुक्त करें जिसका नाम और मोबाइल नंबर उन्हें दें ताकि फिर उससे ही संपर्क साधा जा सके I उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रमुख अपने विद्यालय के सभी शिक्षकों को इस कैंपेन के बारे में जागरूक करे और विद्यार्थियों में से भी लीडर तैयार करें जो अन्य विद्यार्थियों को इस टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित कर सकें I उन्होंने कहा कि पीटीएम में अभिभावकों को बताये की यह टीका लगवाना क्यों जरूरी है तथा अभिभावकों को इ-मेल, एसएमएस भेजकर या अन्य प्लेटफार्म, जो भी वो इस्तेमाल करते है उसके माध्यम से सूचित करेंI उन्होंने बताया कि जिस प्रकार पोलियो की ड्रॉप्स पिलाने के समय बच्चे के बाये हाथ की छोटी उंगली पर मारकर से निशान लगाया जाता था, इस कैंपेन में बच्चे के बाये हाथ के अंगूठे पर निशान लगाया जायेगा ताकि पता चल सके कि उसे इंजेक्शन लग चुका है I
इस मौके पर डब्लू एच ओ की प्रतिनिधि डॉ बिन्दु ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि मीज़ल्स और रूबेला बीमारियों के क्या लक्षण होते है और इन बीमारियों की वजह से क्या विकृतियां बच्चे में हो सकती हैI उन्होंने बताया कि भारत सरकार सन 2020 तक देश से मीज़ल्स अर्थात खसरा को जड़ मूल से समाप्त तथा रुबेला को नियंत्रित करना चाहती है, इसी उदेश्य से यह कम्पैन 2019 तक पूरे देश के सभी राज्यों को कवर करने के लिए चलाया जा रहा है I कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ एम पी सिंह तथा सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक मुकेश यादव भी उपस्थित थे I
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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