जिला में अब सिगरेट्स और तंबाकु उत्पादों के विज्ञापनो पर प्रतिबन्ध लगाने तथा  उसके व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण के विनियमन (सीओपीटी) अधिनियम 2003 को प्रभावी ढंग से लागु करने के लिए राष्ट्रीय तंबाकु नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है जिसकी पहली बैठक लघु सचिवालय में आयोजित की गयी I

सिविल सर्जन गुरुग्राम इस समिति के सदस्य सचिव है और अन्य सदस्यों में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अथवा उनका प्रतिनिधि, जिला शिक्षा अधिकारी, आबकारी एवं कराधान विभाग का एक अधिकारी, नगर निगम के सिविल सर्जन, राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्या, जिला औषधि नियन्त्रक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सम्बन्ध हैल्थ फाउंडेशन के प्रतिनिधि तथा जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी शामिल है I
बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम जिला में अब तक इस अधिनियम के तहत प्रदेश में सर्वाधिक 28,000 चालान किये गए हैं I सीओपीटी अधिनियम की धारा -4 सार्वजनिक स्थलों पर धुम्रपान पर प्रतिबन्ध लगाती हैI  बैठक में निर्णय लिया गया कि अब जिला में इस अधिनियम के तहत केवल पुलिस ही नहीं अपितु शिक्षण संस्थानों  के अध्यापकगण तथा अन्य विभागों के गज़ेटेड अधिकारी भी चालान काटेंगे I हर विभाग अपने यहाँ धूम्रपान करने वालों का चालान काटने के लिए किसी गज़ेटेड अधिकारी को मनोनीत करेगा I बताया गया कि शिक्षण संस्थानों तथा आसपास के क्षेत्रों में महाविद्यालय और विद्यालयों के शिक्षक गण चालान काटेंगे I शिक्षण संस्थानों को अपने परिसर में सार्वजानिक तौर पर बोर्ड लगाना होगा जिस पर शीर्षक ‘तंबाकु मुक्त शिक्षण संस्थान’ के साथ लिखा होना चाहिए कि ‘इस शिक्षण संस्थान के 100 गज़ के दायरे में सिगरेट और अन्य तम्बाकु उत्पादो की बिक्री एक दण्डनीय अपराध है, जिसका उलन्घन करने वाले पर 200 रूपये तक का जुर्माना हो सकता है ‘I अव्यस्को को और उनके द्वारा तंबाकु की बिक्री पर पाबन्दी है I डॉ राजौरा ने कहा कि चालान से प्राप्त होने वाली राशि का प्रयोग धुम्रपान से होने वाली बीमारियों के मरीजों के इलाज पर खर्च की जाएगी I
डॉ राजौरा ने बताया कि तम्बाकु के सेवन से देश में  हर साल 12 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु होती है और हरियाणा में लगभग 28,000 लोग प्रति वर्ष गंभीर बीमारियों जैसे हृदयघात, फेफड़े की बीमारी , कैंसर आदि के चलते अकाल मौत का शिकार होते है I हरियाणा में हर रोज 116 से अधिक किशोर तंबाकु का सेवन करते है I इस बुरी आदत को खत्म करने की जरूरत है I उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अपेक्षाकृत कम धूम्रपान करती है, धीरे धीरे समाज में धूम्रपान के दुष्प्रभावों के बारे में जागृति आ रही है I उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में जहां कहीं भी सीओपीटी अधिनियम का उलन्घन पाया जायेगा वहां पर सख्त कार्यवाही की जाएगी I बिना संवैधानिक चेतावनी के यदि सिगरेट या अन्य तम्बाकु उत्पाद बेचते पाए जाने पर भी विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी I
डॉ राजौरा ने कहा कि सार्वजानिक स्थलों में बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार, स्टेडियम, हॉस्पिटल, शॉपिंग मॉल, कोर्ट बिल्डिंग, सरकारी कार्यालय तथा अन्य कार्य क्षेत्र आते हैं I  केवल हवाई अड्डों, 30 से अधिक कमरों वाले होटलों तथा रेस्टोरेंट में अलग धुम्रपान कक्ष बनाया जा सकता है परन्तु उस कक्ष  धुआँ सार्वजनिक क्षेत्र में ना आये I सार्वजनिक परिवहन जैसे बस, टैक्सी एवं ट्रेन आदि में भी धुम्रपान प्रतिबंधित हैं I तंबाकु पदार्थों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन नहीं कर सकते I
आज की बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव, उप सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डॉ सुनीता राठी, पुलिस निरीक्षक विजय कुमार, जिला ड्रग कंट्रोलर संदीप गाहलियान, सम्बन्ध हेल्थ फाउंडेशन से संजय सेठ, आशिमा सरीन, राजकीय महाविद्यालय सेक्टर 14 की प्राचार्य सुशीला कुमारी, डीएसडी राजकीय महाविद्यालय की उप प्राचार्या चेतना सहरावत, फार्मेसी हेल्थ से  अनिल कुमार  भी उपस्थित थे I
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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