गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जिला के बैंकर्स से कहा कि वे सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं को सफल बनाने के लिए उदारता से ऋण मंजूर करें। उन्होंने कहा कि बैंक ऋण राशि स्वीकृत करके युवाओं को स्वरोजगार अपनाने में अहम योगदान दे सकते हैं।
सिंह लघुसचिवालय स्थित सभागार में बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी एवं जिला परामर्श कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उनके  साथ भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक संजय कक्कड़, नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक वी के नागरा तथा अग्रणी जिला प्रबधंक आर सी नायक भी थे। इस मौके पर उपायुक्त ने नाबार्ड की पुस्तक के रूप में प्रकाशित पीएलपी (पोटेंशियल लिंक प्लान) का विमोचन भी किया।
बैंक अधिकारियों से मुखातिब होते हुए उपायुक्त सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाकर स्वावलंबी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया तथा स्टैंडअप इंडिया जैसी योजनाओं में विभागों द्वारा जिन युवाओं के नामों की संस्तुति की गई है, उन्हें उदारता से ऋण देकर उद्योग लगाने या अपना व्यवसाय शुरू करने में बैंक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों से बैंको को जो भी ऋण के लिए रिकमैंडेशन या संस्तुति आए, उसका निपटारा जल्द करें। यदि प्रार्थी का आवेदन उनके पैमाने पर सही हो तो तत्काल ऋण स्वीकृत करें और यदि उनके पैमाने में सही नहीं बैठता हो तो उसे रिजैक्ट करें लेकिन अपने पास रखकर ना बैठें। बैठक में बताया गया कि स्टैंडअप इंडिया के अंतर्गत गुरुग्राम जिला में अब तक 129 आवेदकों को ऋण की राशि स्वीकृत की जा चुकी है और 43 आवेदको के 10 करोड़ रूपए से अधिक राशि के ऋण संबंधी आवेदन विभिन्न बैंको में लंबित हैं। उपायुक्त ने इस पर अपनी असंतुष्टि जाहिर करते हुए बैंको से कहा कि ऋण स्वीकृति की दर को बढाएं, गुरुग्राम में अभी बहुत स्कोप है।
उपायुक्त ने बैंकर्स को उनके बैंको में चल रहे बचत खाता धारकों के खातों को आधार से लिंक करवाने के भी निर्देश दिए और कहा कि इस कार्य में वे तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदक का आधार नंबर उसके बैंक खाते से जुड़ा होना जरूरी है। उन्होंने बैंकर्स को सरकार द्वारा निर्धारित प्राथमिकता के क्षेत्रों में बिना बाधा के ऋण राशि मंजूर करने पर बल दिया। बैठक में बताया गया कि प्राथमिकता के क्षेत्र में गुरुग्राम जिला की उपलब्धी लक्ष्य की 85 प्रतिशत रही है, जोकि संतोषजनक है। कृषि के क्षेत्र में भी बैंको द्वारा ऋण वितरण में 85 प्रतिशत ही उपलब्धी रही है।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, मिनी डेयरी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार गारंंटी कार्यक्रम, हरियाणा अनुसूचित जाति वित एवं विकास निगम द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बताया गया कि सरकार द्वारा 50 दुधारू पशुओं की डेयरी खोलने की नई स्कीम शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत गुरुग्राम जिला में अब तक 3 डेयरियों की स्थापना के लिए ऋण स्वीकृत किया जा चूका है तथा 5 आवेदन अभी लंबित हैं। इसी प्रकार, नाबार्ड के अधिकारी ने बताया कि मत्स्य पालन के अंतर्गत झिंगा मछली पालन के लिए मत्स्य विभाग द्वारा 50 प्रतिशत सबसिडी दी जा रही है, अत: युवाओं को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए। नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक वी के नागरा ने बताया कि भारत सरकार की तरफ से खाद्य प्रसंस्करण अर्थात् फूड प्रोसेसिंग ईकाई स्थापना के लिए नाबार्ड के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जा रही है।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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