गुरुग्राम में बनाए गए सभी अंडरपासों में दुर्घटना होने पर बिना जान-माल के नुकसान के लोगों को निकालने के लिए प्लॉन ऑफ एक्शन तैयार किया जाएगा। इतना ही नहीं, इस एक्शन प्लॉन के तैयार होने के बाद इसे पुलिस के साथ साथ आम जनता से भी सांझा किया जाएगा ताकि अंडरपास में किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर वाहन चालको को ‘डूज़ एंड डोन्ट’ के बारे में पता हो।
यह जानकारी गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने दी। वे रोड़ इंजीनियरिंग से संबंधित विभागों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। आज आयोजित बैठक में मुख्य रूप से हुडा, पीडब्ल्यूडी, एमसीजी व पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित हरियाणा विज़न जीरो की टीम के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में सडक़ सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओ पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि सडक़ों को आमजन के लिए सुरक्षित बनाने के लिए रोड़ इंजीनियरिंग से संबंधित विभागों की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि  विभाग अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अंडरपास के लिए ‘इवेक्यूएशन प्लान’ 10 दिन के भीतर तैयार करें और इसे पुलिस विभाग तथा आमजनता के साथ शेयर करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग को परमिशन, बजट की स्वीकृति या अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के कोई परेशानी आ रही है तो उसे समय रहते दूर करें। प्रदेश सरकार हरियाणा विजन जीरो को लेकर अत्यंत गंभीर है और सडक़ पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पर्यत्नशील है।
डीसीपी ट्रैफिक दीपक गहलावत ने भी बैठक में अपने सुझाव दिए और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में काम करने के लिए कहा। बैठक में राजीव चौंक, सिग्रेचर टावर, इफ्को चौंक तथा बिलासपुर चौं क पर स्ट्रीट लाइट तथा हाई-मास्ट लाइटें लगवाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डीसीपी ने कहा कि गुरुग्राम के इन चारों मुख्य चौराहों पर टै्रफिक का दबाव तो अधिक रहता ही है, साथ ही यहांं से लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट में चढ़ते व उतरते हैं। रात के समय यहां पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था ना होने के कारण जहां एक ओर सडक़ दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है, वहीं दूसरी ओर चेन स्नैचिंग व लूटपाट की घटनाएं भी होने का भय रहता है, इसलिए यह जरूरी है कि इन चौराहों पर रोशनी की उचित व्यवस्था हो। इसके साथ ही जिला मेें बनाए गए अंडरपासों तथा नोन मोटराइज्ड कोरिडोर में दिन के समय भी लाइटों को चालू करवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही बैठक में फुटओवर ब्रिज पर लाइटों की उचित व्यवस्था करने के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया, जिसके लिए डीसीपी ने एनएचएआई तथा एमसीजी के अधिकारियों को इस बारे में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
आयोजित बैठक में हरियाणा विजन जीरो टीम के प्रोग्राम मैनेजर आशीष शर्मा तथा रोड़ सेफ्टी एसोशिएट गुरप्रीत ने डीसीपी को ऐसे स्थानों की सूची दी जहां पर ओवरस्पीडिंग वाहनों के कारण सडक़ दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। इसके अलावा, हरियाणा विजन जीरो टीम के सदस्यों ने बैठक में बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की गलत पार्किंग तथा उनका ब्रेक डाऊन भी सडक़ दुर्घटना का मुख्य कारण है जिस पर कार्यवाही करते हुए डीसीपी ने एनएचएआई के अधिकारियों से पैट्रोलिंग की फ्रिक्वेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए और इस बारे में संबंधित पुलिसकर्मियों से सामन्जस्य स्थापित करने के लिए कहा।
राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-48 पर गांव नरसिंहपुर व खांडसा के पास दुर्घटना संभावित क्षेत्र में सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शॉर्ट टर्म प्लान बनाने पर विचार विमर्श किया गया। हरियाणा विजन जीरो टीम के सदस्यों ने इस बारे में रैट्रो रिफ्लेक्टिव साईन बोर्ड लगाने का सुझाव दिया ताकि वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को पहले से ही पता चल सके कि वहां से ग्रामीणों का आवागमन रहता है और वे अपने वाहन की गति धीमी कर लें।
उपायुक्त ने कहा कि रोड़ इंजीनियरिंग में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलावों से सडक़ दुर्घटनाएं रोकने में मदद मिलेगी। गुरुग्राम जैसे हैपनिंग जिला में रोड़ इंजीनियरिंग का महत्व और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि यहां अपेक्षाकृत जनसंख्या अधिक है और टै्रफिक का दबाव भी ज्यादा रहता है। गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या है जिसके लिए सभी विभागों को कोर्डिनेशन से काम करने की जरूरत है। उपायुक्त ने रोड़ इंजीनियरिंग से संबंधित सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश देते हुए कहा कि हरियाणा विजन जीरो की टीम जब भी विभागों को रोड़ इंजीनियरिंग से संबंधित अपने सुझाव दें, उसे गंभीरता से लें।
इस अवसर पर पटौदी के एसडीएम एवं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण- द्वितीय के संपदा अधिकारी विवेक कालिया सहित नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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