हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने आसपास के क्षेत्र में ज्ञान, सद्भाव तथा भाईचारा के प्रसार में योगदान दें। उन्होंने अपने संबोधन में व्यक्ति निर्माण पर जोर दिया। प्रो. सोलंकी गुरुग्राम जिला के गांव बिनौला में स्टारेक्स विश्वविद्यालय के भवन का शिलान्यास करने तथा प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ करने उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक विजय कुमार ने की जबकि श्री हरिमन्दिर आश्रम पाटौदी के अधिष्ठाता महामण्डलेश्वर स्वामी धर्मदेव महाराज विशिष्ठ अतिथि के तौर पर उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ तथा पंच प्रदीपम् के साथ हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतवर्ष की पहचान राजनीति से नहीं अपितु सन्यासी और साधुओं से है। प्रो. सोलंकी ने कहा कि 300 ईस्वी पूर्व सिकंदर जब विश्व को जीतने निकला तो वह भारत को जीतना चाहता था। उस समय वह अपने गुरु अरस्तु के पास गया जिसने सिकंदर से कहा कि तुम भारत को जीत नहीं पाओगे और यह भी कहा कि वहां जाकर तुम किसी सन्यासी का दर्शन करना और हो सके तो उसे साथ लेकर आना।
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह आपको अच्छा इंसान बनाए। उन्होंने बताया कि विश्व का कोई ऐसा देश नहीं है जिसको भारत ने कुछ न दिया हो। श्रेष्ठ मानव निर्माण ही सच्ची समाज सेवा है। उन्होंने कहा कि इस संस्था ने बहुत थोड़े समय में उल्लेखनीय प्रगति की है और आशा जताई कि यह विश्वविद्यालय अपने नाम के अनुरूप स्टार पैदा करेगा और विद्यार्थियों को अच्छी व आधुनिक शिक्षा देने के अपने उद्देश्य में सफल होगा।
राज्यपाल ने बताया कि सन 1966 में जब हरियाणा बना उस समय प्रदेश में केवल एक ही युनिवर्सिटी थी परंतु आज यहां पर 48 युनिवर्सिटी हैं। देश आजाद होने के समय 1947 में कुल 27 युनिवर्सिटी थी, जिनकी संख्या आज बढकर 819 हो गई है। इनमें 47 सैंट्रल युनिवर्सिटी, 282 प्राईवेट युनिवर्सिटी, 367 सरकारी युनिवर्सिटी तथा 123 डीम्ड युनिवर्सिटी शामिल हैं। राज्यपाल ने कहा कि औसतन 11 प्रतिशत विद्यार्थी अर्थात् 9 में से एक विद्यार्थी युनिवर्सिटी स्तर तक पहुंचता है जबकि अमेरिका में 83 प्रतिशत विद्यार्थी युनिवर्सिटी तक पहुंचते हैं। यदि हमें संख्या को 15 प्रतिशत तक बढाना हो तो देश में 1400 युनिवर्सिटी चाहिए और वे सभी केवल पैसा कमाने वाली नहीं बल्कि व्यक्ति निर्माण वाली संस्था हों। उन्होंने हरियाणा की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि हरियाणा की आबादी देश की मात्र 2 प्रतिशत है जबकि शिक्षा में हरियाणा का योगदान 6 प्रतिशत है जोकि आबादी का तीन गुना है। इसी प्रकार, आर्थिक क्षेत्र में हरियाणा देश में 5वें स्थान पर है और हाल ही में हुए खेलों इंडिया में हरियाणा ने 38 स्वर्ण पदक जीतकर देश में पहला स्थान प्राप्त किया जबकि 36 स्वर्ण पदक के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर रहा।
स्टारेक्स विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक दिवाकर ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय में पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रमों व राज्य सरकार द्वारा अगले शिक्षण सत्र के लिए  स्वीकृत पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। हरि मंदिर आश्रम पटौदी के महामण्डलेश्वर स्वामी धर्मदेव ने इस अवसर पर कहा कि भारत ने ही विश्व को जीवन पद्धति सिखाई है। आर एस एस के प्रांत प्रचारक विजय कुमार ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि भारत विश्वगुरु के नाम से विख्यात रहा है और उन्हें विश्वास है कि पुन: उसी स्थान पर पहुंचेगा। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन मण्डल को इस कार्यक्रम के लिए  बधाई दी व इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्टारेक्स विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मोहिन्दर सिंह ने इस अवसर पर राज्यपाल को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक दिवाकर ने विजय कुमार तथा कुलसचिव डॉ. एस.एल. वशिष्ट ने स्वामी धर्मदेव जी महाराज को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट किया। अन्त में कुलसचिव ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पंचों, सरपंचों, अन्य गणमान्य व्यक्तियों का इस समारोह में पधारने पर धन्यवाद किया।
इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर मधु आजाद, आर एस एस के प्रांत प्रचारक विजय कुमार, हरि मंदिर आश्रम पटौदी के अधिष्ठाता महामण्डलेश्वर स्वामी धर्मदेव, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महेंद्र सिंह, कुलपति डा. अशोक दिवाकर, गांव बिनौला के सरपंच समय सिंह, पचगांव के सरपंच सुबे सिंह, पथरेड़ी के पूर्व सरपंच महावीर सिंह, ढाणी शंकर के सरपंच भीम सिंह, हरियाणा कला परिषद के निदेशक अजय सिंघल, शीतला माता बोर्ड के सदस्य प्रदीप शर्मा, मदन साहनी, पटौदी के पार्षद राजेंद्र गुप्ता, पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह सहित गई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
delhincrnews.in bureau

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