हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव रणसिका के शहीद कैप्टन कपिल कुंडु के परिजनों को धीरज बंधाया और कहा कि हम कैप्टन कुंडु की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। उनका नाम भविष्य में भी रोशन रहे, इसके लिए किसी प्रोजैक्ट का  नामकरण शहीद कुंडु के नाम पर किया जाएगा।
गांव रणसिका के 22 वर्षीय कैप्टन कपिल कुंडु ने जम्मु कश्मीर के राजौरी क्षेत्र में देश की सीमाओ की रक्षा करते हुए रविवार को अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका पार्थिव शरीर सोमवार देर सांय राजौरी से उनके गांव रणसिका लाया गया जहां पर इलाके के हजारों लोगों ने नम आंखो से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी थी।
मुख्यमंत्री विशेष रूप से कैप्टन कुंडु के परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर आए थे। उन्होंने शहीद की माता  सुनीता देवी तथा बहनों सोनिया व काजल से मुलाकात कर उनको धीरज बंधाया और उन्हें हरियाणा सरकार की ओर से दी गई 50 लाख रूपए की अनुग्रह राशि का पत्र भेंट किया। उन्होंने हरियाणवीं परम्परा के अनुसार शहीद कपिल की बहन काजल का सिर पुचकारा अर्थात् उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।
बाद में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री, मनोहर लाल ने कहा कि धन्य है वह परिवार जिसने ऐसे वीर सपूत को जन्म दिया और धन्य है वह मां जिसने अपने इकलोते पुत्र को देश सेवा के लिए सेना में भेजा। उन्होंने कहा कि उन्हें तथा पूरे हरियाणा प्रदेश व देश को कैप्टन कपिल कुंडु की शहादत पर गर्व है। एक प्रश्र का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद की मां ने उन्हें एक पत्र दिया है जिस पर राज्य सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। जब उनसे शहीद की बहनों को सरकारी नौकरी दिए जाने के बारे में पूछा गया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के नियम के अनुसार नौकरी दी जाएगी। राज्य सरकार से शहीद के परिवार को दी गई मदद के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार की नीति के अनुसार 50 लाख रूपए की राशि आज प्रात: ही शहीद की मां के बैंक खाते में आरटीजीएस से ट्रांसफर कर दी गई है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल शहीद कुंडु के अंतिम संस्कार वाले स्थान पर भी गए, जहां पर उन्होंने फूल चढाकर शहीद को नमन किया। शहीद कुंडु के गांव रणसिका में उनके घर के बाहर आज भी भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री उनके बीच जा बैठे और उनके साथ शहीद कपिल कुंडु व उनके परिवार के बारे में बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि सरकार तो शहीद कपिल के परिवार की हर संभव मदद करेगी ही, लेकिन गांव के लोगों को भी चाहिए कि वे इस परिवार का ध्यान रखें और जो भी सहयोग वे दे सकते हैं, वह दें।
गौरतलब है कि गांव रणसिका के राजकीय विद्यालय, गांव को आने वाली सडक़ तथा खोड़ बस अड्डे का नामकरण पहले ही शहीद कपिल कुंडु के नाम पर करने का निर्णय लिया जा चुका है। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ सहकारिता राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, भाजपा प्रवक्ता सतप्रकाश जरावता व राष्ट्र दहिया, गुरुग्राम के मण्डलायुक्त डा. डी सुरेश, पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, जिला सैनिक बोर्ड के सचिव विंग कमांडर एन सी शर्मा, गुरुग्राम दक्षिणी के एसडीएम सतीश यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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