आगामी 10 फरवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय कृृमि मुक्ति दिवस (डी वार्मिंग-डे) के अवसर पर जिला के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों तथा आंगनवाड़ी सैंटरों पर एक से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एलबेंडाजोल टैबलेट देकर डी-वोर्म किया जाएगा। यह जानकारी गुरुग्राम के सैक्टर-46 स्थित अमेटी इंटरनेशनल स्कूल में राष्ट्रीय कृृमि मुक्ति दिवस (डी वार्मिंग-डे) के सफल आयोजन को लेकर आयोजित बैठक के दौरान दी गई। इस बैठक में सिविल सर्जन कार्यालय के डॉक्टरों तथा जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित जिला के सरकारी व निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस बैठक में सिविल सर्जन कार्यालय से डा. शशि कटारिया ने बताया कि इस अभियान के तहत एक से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एलबेंडाजोल टैबलेट दी जाएगी ताकि बच्चों को डी-वोर्म किया जा सके। शिक्षा विभाग की ओर से उपस्थित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव ने उपस्थित स्कूल प्रतिनिधियों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए आह्वान किया।
बैठक में एविडेंस एक्शन नामक स्वयंसेवी संस्था की प्रतिनिधि प्रिया झा ने पावर प्वाइंट प्रैजेंटेशन के माध्यम से एलबेंडाजोल टैबलेट के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सीधे तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि दवा देते समय स्कूल प्रबंधन बच्चों को यह जरूरी बताएं कि वे इस दवा का सेवन चबाकर करें। यह दवा कड़वी नही होती। यह टैबलेट अत्यंत फायदेमंद है जो पेट के कीड़ो को मारती है। उन्होंनें कहा कि कई बार इस दवा का सेवन करने के बाद बच्चों को उल्टी, डायरिया या चक्कर आने की शिकायत हो जाती है जिसका कारण बच्चों के पेट में कीड़ो का होना हो सकता है। ऐसी स्थिति में घबराएं नही और बच्चे को आराम करने के लिए लेटा दें।
बैठक में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव ने कहा कि हमें राष्ट्रीय कृृमि मुक्ति दिवस (डी वार्मिंग-डे) को एक त्यौहार के रूप  में मनाना चाहिए क्योंकि इसका सीधा संबंध बच्चों के स्वास्थ्य से है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन का उत्तरदायित्व है कि वे बच्चों के अभिभावकों को समझाएं कि इस टैबलेट के सेवन से उनके बच्चे पहले से अधिक स्वस्थ होंगे। उन्होंने कहा कि हमें इस कार्यक्रम को मिलकर सफल बनाना ह बैठक में उनके साथ जिला परियोजना अधिकारी मुकेश यादव भी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अमित झा ने वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस वीडियो कान्फें्रसिंग में गुरुग्राम जिला की तरफ से अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया तथा सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा ने तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
झा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को भूखे पेट गोली  ना दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चे घर से खाना खाके आएं। साथ उन्होंने यह भी कहा कि जो बच्चे खाना खाकर नहीं आएंगे उन्हें स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में खाना दिया जाए। उसके बाद बच्चों से कहा जाए कि वे गोली को पहले चबाएं, फिर उपर से पानी पीएं। गोली को पानी के साथ निगलना नही है। उन्होंने बताया कि साल में दो बार बच्चों को पेट के कीड़े मारने की गोली दी जाती है। एक बार अब फरवरी में तथा दूसरी बार अगस्त माह में गोली दी जाएगी।
झा ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं जुटाने की मुहिम की भी शुरूआत की और कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त मात्रा में दवा, उपकरण तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए। पैरामैडिकल स्टाफ तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की हाजिरी समय पर लगे और उनके कार्य का सही से मूल्याकंन किया जाए। उन्होंने कहा कि उपायुक्त स्वास्थ्य केंद्रों में देखेंगे कि इन हिदायतों को पालन सही ढंग से रहा है कि नहीं।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया ने झा को आश्वस्त किया कि गुरुग्राम जिला में नेशनल डी-वोर्मिंग डे पर सभी बच्चों को पेट के कीड़े मारने की गोली खिलाने के प्रयास किए जाएंगे। इसी प्रकार, एम आर कैम्पेन में भी सभी पात्र बच्चों को कवर किया जाएगा ताकि गुरुग्राम जिला को स्वस्थ जिला बनाया जा सके। इस मौके पर सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा, नगर निगम के सिविल सर्जन डा. असरूद्दीन, उप सिविल सर्जन डा. नीलम थापर, जिला परियोजना अधिकारी सुनीता शर्मा भी उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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