राष्ट्रीय कृृमि मुक्ति दिवस (डी वार्मिंग-डे) के अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा 10 फरवरी को गुरुग्राम के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सैक्टर-43 में विद्यार्थियों को पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान की शुरूआत की जाएगी।
इस बारे में जानकारी गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जिला टास्क फोर्स की बैठक में दी। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जाने वाले अभियान के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। राष्ट्रीय कृृमि मुक्ति दिवस (डी वार्मिंग-डे) के अवसर पर 1 से 19 साल तक के बच्चों को एलबेंडाजोल टैबलेट खिलाई जाएगी। 10 फरवरी को जो बच्चे यह दवा लेने से वंचित रह जाएंगे उन्हें इस दवा की डोज़ 15 फरवरी को खिलाई जाएगी। उपायुक्त ने कहा चूंकि नेशनल प्रोग्राम यहां से लांच हो रहा है इसलिए यह जरूरी है कि सभी अधिकारी, कर्मचारी, हितधारक, अंागनवाड़ी वर्करों, राजकीय व निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि अपने-2 उत्तरदायित्वों को ठीक प्रकार से समझ लें। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारी या कर्मचारी को पता हो कि बच्चों को कैसे दवा खिलानी है तथा उसका रिकॉर्ड कैसे बनाना है । उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही कतई ना करें। सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा ने कहा कि इस टैबलेट से बच्चों में पेट के कीड़े मरने के परिणामस्वरूप खून की कमी की शिकायत भी दूर होगी।
सिविल सर्जन डा. बीके राजौरा ने कहा कि जिला में 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों पर लाइफ स्टाइल डिजीज़ सर्वे किया जाएगा और इसके बाद में इसकी फाइडिंग के आधार पर उन बीमारियों का ईलाज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सर्वे में डाइबिटीज़, हाईपर टैंशन, ओरल कैंसर, अन्य प्रकार के कैंसर और ब्रैस्ट कैंसर आदि बीमारियों की पहचान की जाएगी। इसके लिए इक्वीपमेंट स्वास्थ्य विभाग के पास आ चुके है जिसे पीएचसी, सीएचसी तथा सब-सैंटरों पर पहुंचाया जा चुका है। यह सर्वे जल्द ही शुरू होगा और इसकी तिथि के बारे में बाद में बताया जाएगा।
बैठक में माइक्रो न्यूट्रिऐंट सप्लीमेनटेशन प्रोग्राम पर चर्चा की गई। यह प्रोग्राम 7 फरवरी से 7 मार्च तक चलाया जाएगा। इस प्रोग्राम के तहत एक साल से 5 साल तक के बच्चों को विटामिन-ए, ऐलबेंडाजोल की टैबलेट और उनका संपूर्ण टीकाकरण किया जाएगा।
आयोजित बैठक में 28, 29 व 30 जनवरी को चलाए गए पल्स पोलियो अभियान की भी समीक्षा की गई । गुरुग्राम  जिला में इस बार पल्स पोलियो अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य से अधिक 102 प्रतिशत बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई।
इसके साथ ही आज अक्टूबर, नवंबर तथा दिसंबर माह के दौरान सघन मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम के तहत किए गए टीकाकरण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई जिसमें सिविल सर्जन ने बताया कि जिला में इस बार फुली इमुनाइज्ड चिल्ड्रन की प्रतिशतता 78 प्रतिशत से बढक़र 85 प्रतिशत हुई जोकि सराहनीय रहा।
जिला में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के बारे में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि यह प्रोग्राम जिला में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कुष्ठ रोग तथा इसके लक्षणो के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। बैठक में मिजल्स (खसरा) व रूबेला बिमारी के बारे में चर्चा की गई। इन बीमारियों से बचाव के लिए अप्रैल माह में एक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा जिसमें 9 महीने से 15 साल तक के बच्चों को मिजल्स व रूबेला से बचाव की वैक्सीन दी जाएगी। यह अभियान हरियाणा सहित देश के पांच राज्यों में चलाया जाएगा। सभी स्कूलों व आंगनवाड़ी सैंटरों को दिशा-निर्देश दिए गए कि वे अपने यहां आने वाले बच्चों की लिस्ट सिविल सर्जन कार्यालय में देना सुनिश्चित करें ताकि अप्रैल के महीने में इन बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों को ये वैक्सीन दी जा सके। यह वैक्सीन बच्चे को एक बार ही लगाई जाएगी। बैठक में बताया गया कि रूबेला बीमारी से पीडि़त माता के जन्म से विकृत तथा मंद बुद्धि बच्चे पैदा होने का भय रहता है और स्वास्थ्य मंत्रालय के अंाकड़ों के अनुसार हर वर्ष देश में लगभग 50 हज़ार पैदायशी मंद बुद्धि बच्चों का पंजीकरण हो रहा है, वास्तविक संख्या इससे अधिक भी हो सकती है।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा, जिला शिक्षा अधिकारी रामकुमार फलसवाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेन्द्र सारवान, उप-सिविल सर्जन डा. नीलम थापर, डा. एम पी सिंह, डा. बिंदु, जिला रैडक्रास सोसायटी के सचिव श्यामसुंदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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