मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार एनएचएआई से सम्बन्धित सड़कों के निर्माण तथा गंगा की धारा को निर्मल व अविरल बनाने के कार्यक्रमों में पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि विकास गतिविधियों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए अच्छी सड़कें आवश्यक हैं। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार मजबूत और टिकाऊ सड़कों के निर्माण के लिए कृतसंकल्पित है।

मुख्यमंत्री शास्त्री भवन में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने गडकरी का स्वागत करते हुए प्रदेश के लिए उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गडकरी को प्रतीक चिन्ह् के रूप में ‘कुम्भ का लोगो’ भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक और विकास परियोजनाओं में शीघ्रता लाकर प्रगति और समृद्धि हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित प्रकरणों को शीघ्रता से हल किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्यों के लिए बालू, मौरंग और मिट्टी की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। बैठक में एनएचएआई से सम्बन्धित सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने के लिए केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से अनुरोध किया गया। इसके लिए गडकरी ने 200 करोड़ रुपए की धनराशि दिए जाने की बात कही।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में प्रशासकीय शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है। ऊर्जा विभाग द्वारा यूटीलिटी शिफ्टिंग के लिए 15 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। सिंचाई एवं जल विभाग के स्तर से भी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा मिट्टी खनन के लिए अनुमति प्रदान किए जाने के नियम में संशोधन करते हुए एनएचएआई की अपेक्षानुसार सरलीकृत कर दिया गया है और सम्बन्धित जिलों के जिलाधिकारियों को इसके लिए अधिकृत कर दिया गया है।
समस्त मण्डलायुक्तों को एनएचएआई से सम्बन्धित व्यवधानों के निस्तारण के लिए माॅनीटरिंग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं और प्रतिमाह समीक्षा बैठक में इस सम्बन्ध में अनुश्रवण किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण के प्रकरणों का नियमित अनुश्रवण करते हुए उनके शीघ्र निस्तारण की कार्यवाही की जा रही है। एनएचएआई को बालू खनन हेतु पट्टा आवंटित किया गया है तथा आवश्यक क्लीयरेन्स भी निर्गत हो गई है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मुख्य सचिव, राजीव कुमार, कृषि उत्पादन आयुक्त, आरपी सिंह, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण, सदाकान्त, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव सूचना, अवनीश कुमार अवस्थी सहित अन्य विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव एवं केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे
बैठक के पश्चात् मीडिया सेण्टर में एक प्रेस काॅन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री, केशव प्रसाद मौर्य तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी सम्मिलित हुए। प्रेस काॅन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का हर सम्भव सहयोग मिल रहा है।

गडकरी ने कहा कि केन-बेतवा योजना के सम्बन्ध में भी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहमति हो चुकी है, जिसका शीघ्र ही एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित होगा। उन्होंने कहा कि इसमें केन्द्र सरकार 28 हजार करोड़ रुपए का योगदान कर रही है और यह देश की पहली नदी जोड़ो योजना होगी। यह योजना साढ़े तीन वर्षों में पूरी होने की सम्भावना है, जिससे 12 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई सम्भव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में विकास की तस्वीर बदलेगी।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने बताया कि वाराणसी से हल्दिया के बीच इन्लैण्ड वाटर वेज का भी कार्य किया जा रहा है और इसमें हल्दिया, वाराणसी तथा साहिबगंज के अलावा, गाजीपुर को भी हब के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि जल परिवहन, सड़कों और रेलवे के मुकाबले सस्ता पड़ता है। यह मार्ग पर्यटन और परिवहन की दृष्टि से उपयोगी सिद्ध होगा। सी-प्लेन का भी उपयोग बढ़ाए जाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनएचएआई से सम्बन्धित 55 में से 35 के डीपीआर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एनएचएआई से सम्बन्धित 2,000 कि.मी. सड़कों का निर्माण और किया जाएगा।

गडकरी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित प्रकरणों के समाधान के लिए राज्य सरकार शीघ्रता से कार्यवाही कर रही है। गंगा नदी पर फाफामऊ में एक और ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी लागत लगभग 2,000 करोड़ रुपए आएगी। इसके साथ ही, गंगा नदी पर वाराणसी से इलाहाबाद के बीच में भी जल परिवहन का आरम्भ कुम्भ-2019 के पहले किए जाने के प्रयास किए जाएंगे। कुम्भ के मद्देनजर इलाहाबाद में अन्य विकास परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। गंगा नदी की धारा को निर्मल व अविरल बनाने के लिए राज्य सरकार के सहयोग से कार्य किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि किसी भी प्रकार का दूषित जल गंगा नदी में न आए। इसके लिए वाॅटर री-साइकिलिंग के प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जा रहा है। गंगा किनारे के साढ़े चार हजार गांवों को विकसित करने के भी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गंगा हमारे देश की अस्मिता है।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि दिल्ली से मेरठ के बीच में एक्सप्रेस हाईवे के बन जाने से 3 घण्टों का सफर 40 मिनट में पूरा हो सकेगा। इसी प्रकार कानपुर से लखनऊ के बीच में एक्सप्रेस हाईवे बनाए जाने की दिशा में कार्यवाही की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश के लिए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री द्वारा किए जा रहे कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्रिगण व विभिन्न राज्यों से आये मंत्रिगण सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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