राज्यपाल रामनाईक ने गोरखपुर में श्री गोरक्षनाथ स्कूल आॅफ नर्सिंग तथा काॅलेज आॅफ नर्सिंग की प्रशिक्षु छात्राओं को सेवा शपथ दिलाने के बाद समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि विज्ञान की बदौलत कोई भी आॅपरेशन अब अत्यंत सरल हो गया है और कम समय लगने लगा है परन्तु नर्स की सेवाएं मरीज के लिए लम्बे समय तक आवश्यक होती हंै।
राज्यपाल ने कहा कि इस दृष्टि से मानव सेवा में नर्स की भूमिका बेहद ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु नर्सों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि उनके ज्ञान एवं सेवा से लोगों का स्वास्थ्य सुधरेगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देश में तमाम विकास हुआ परन्तु शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, यद्यपि प्रदेश के मुख्यमंत्री निरन्तर योगदान देकर प्रदेश में नित्य नये मानक रच रहे हैं, फिर भी स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं।

राज्यपाल ने कहा कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है। इसके दो दिन पूर्व 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस है। दोनों ही अवसर हमें गौरव प्रदान करते हैं। प्रदेश सरकार ने उप्र दिवस को समारोहपूर्वक मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस एवं उत्तर प्रदेश दिवस की अग्रिम बधाई भी दी।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों से रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किये जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार एवं स्वावलम्बन प्रदान करने वाले पाठ्यक्रम संचालित किए जाने चाहिए। दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय द्वारा संचालित यह पहला नर्सिंग पाठ्यक्रम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के क्षेत्र में नर्सिंग की अपार संभावनाएं हैं, यहां से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण/डिग्री प्राप्त करके अन्य कालेजों में फैकल्टी बन सकती है तथा सरकारी एवं निजी अस्पतालों में नर्सिंग का कार्य कर सकती है। दोनों ही स्थितियांे में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयांे को ऐसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित करना चाहिए जिससे महिलाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिले। पूज्य दिग्विजयनाथ द्वारा स्थापित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में 40 से अधिक संस्थाएं संचालित हैं। लोक कल्याण की भावना से गुरू गोरक्षनाथ चिकित्सालय भी 2003 में संचालित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित नर्स एवं ए.एन.एम. उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नर्सिंग स्कूल एवं काॅलेज की स्थापना की गयी परन्तु गोरखपुर विश्वविद्यालय ने इसे कई वर्ष तक स्वीकृति नहीं दी। राज्यपाल महोदय के सम्मुख जब यह प्रकरण लाया गया तो उन्होंने तत्काल इसे स्वीकृति प्रदान की और वर्ष 2016-17 से यह संचालित हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से प्रशिक्षित नर्सें विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान देकर मानव सेवा करेंगी। इससे न केवल उनके जीवन में बल्कि लोगों के जीवन एवं स्वास्थ्य में भी सुधार आयेगा।

सेवा शपथ समारोह में सभी 150 छात्राओं ने मुख्य दीपक से अपना दीपक प्रज्ज्वलित किया तथा इन्सानियत एवं मानवता की सेवा का व्रत लिया। समारोह में काॅलेज के निदेशक ब्रिगेडियर डाॅ0 के.पी.बी. सिंह ने सभी का स्वागत किया। प्रधानाचार्य मिस अजीथा डी.एस. ने शपथ दिलायी। कार्यक्रम का संचालन डा0 सी.एम. सिन्हा ने किया।
इस अवसर पर कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय डाॅ. वी.के. सिंह, प्रधानाचार्य मेडिकल काॅलेज, गणेश कुमार, प्रो. यू.पी. सिंह, प्रो. श्रीनिवास सिंह कुलपति मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आयुक्त अनिल कुमार, आई.जी. मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी, राजीव रौतेला, विधायक डाॅ. राधामोहन दास अग्रवाल, महेन्द्रपाल सिंह, एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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