प्रदेश में संचालित ‘बेटियां अनमोल हैं- डाटर्स आर प्रीशियस‘ जन जागरूकता अभियान के तहत् शनिवार को टोंक रोड़ स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र सभागार में 700 से अधिक नये युवाओं ने ‘डेप रक्षक‘ का प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण प्राप्त कर डेप वॉलींटर्स राष्ट्रीय बालिका दिवस (24 जनवरी) को 3 हजार से अधिक शैक्षणिक व प्रशिक्षण केन्द्रों में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 5 लाख से अधिक युवाओं तक ‘डाटर्स आर प्रीशियस‘ का संदेश देंगे।
अध्यक्ष, राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक, एनएचएम नवीन जैन ने अभियान से जुड़े नये डेप रक्षकों को ऑडियो-वीडियो युक्त प्रजेन्टेशन के माध्यम से बेटियां अनमोल है एवं पीसीपीएनडीटी अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी।
जैन ने प्रदेश में गिरते लिंगानुपात को नियंत्रित करने, पीसीपीएनडीटी की प्रभावी क्रियान्विती, जीवन में बेटियों के महत्व और अनिवार्यता के बारे में बताया। इसके लिए नये 600 से अधिक डेप रक्षकों को अभियान से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि इन प्रशिक्षित हजारों डेप रक्षकों के माध्यम से राष्ट्रीय बालिका दिवस  (24 जनवरी) को प्रदेशभर के स्कूलों, महाविद्यालयों एवं विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में युवाओं के बीच जाकर ‘डाटर्स आर प्रीशियस‘ संदेश की ज्योत से ज्योत जलायेंगे।
पतंगों ने दिया ‘बेटी बचाओ‘ का संदेश
जयपुर में पतंगों के त्यौहार मकर संक्रान्ति के अवसर पर नौनिहालों को ‘बेटियां अनमोल हैं और बेटी बचाओ‘ का संदेश लिखी पतंगें मिशन निदेशक नवीन जैन और परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी रघुवीरसिंह ने वितरित की। ये पतंगें आकाश मार्ग से समाज में पैगाम प्रचारित करेंगी।
उल्लेखनीय है कि विगत् 17 नवम्बर को भी 773 केन्द्रों पर जन जागरूकता अभियान आयोजित कर डेढ़ लाख से अधिक युवाओं को जानकारी दी गयी एवं यह गतिविधि विश्व रिकार्ड में भी शामिल की गयी है।
जैन ने डेप रक्षकों को प्रशिक्षण देते हुए समाज में बेटा-बेटी के अंतर, भू्रण लिंग का रूझान अमीर-गरीब में अंतर, लिंगानुपात में गिरावट में ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों की स्थिति, बेटा-बेटियों की सुरक्षा इत्यादि धारणाओं को सटीक उदाहरणों से मिथ्या सिद्ध किया। उन्होंने पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी, जनसमुदाय में गहरी जड़े जमा चुकी बेटा-बेटियों के बीच सोच में बदलाव लाने का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का आव्हन किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को पब्लिक स्पीकिंग व कम्युनिकेशन स्किल का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने विभिन्न मार्मिक वीडियो, लघु फिल्में दिखाकर भू्रण हत्या के दौरान गर्भस्थ शिशु की अपील का सजीव प्रस्तुतीकरण कर भाव विभोर कर दिया।
इस अवसर पर डेप-रक्षकों को बेटी बचाने में सदैव सहयोग करने एवं भू्रण लिंग चयन व भू्रण लिंग हत्या के कुकृत्य में किसी भी रूप में सहभागिता नहीं करने तथा स्वच्छता की शपथ दिलाई गयी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित डॉ.आर.एस.छीपी, परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी श्री रघुवीर सिंह, स्टार  फाउण्डेशन की रूक्षमणी सिंह, नगर निगम जयपुर की उपायुक्त शिप्रा, डॉ. शालिनी शर्मा  भी मौजूद थे।

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