मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की प्रचुर सम्भावनाएं हैं। सभी उद्यमियों और निवेशकों को हर सम्भव सुविधा और पूरी सुरक्षा उपलब्ध करायी जाएगी। देश व प्रदेश के उद्यमियों और निवेशकों में राज्य में निवेश के सम्बन्ध में सकारात्मक बदलाव आया है। प्रदेश सरकार इसको सतत सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री लोक भवन में आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के सतत प्रयास से कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इससे देश व प्रदेश के उद्यमियों और निवेशकों के माइंड सेट में प्रदेश में निवेश के सम्बन्ध में सकारात्मक बदलाव आया है और यहां निवेश में रूचि बढ़ी है। इस बदलाव को गति देने तथा राज्य में निवेश और रोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए 21 व 22 फरवरी, 2018 को लखनऊ में यू0पी0 इंवेस्टर्स समिट-2018 का आयोजन किया जा रहा है।

बोर्ड के उद्यमी सदस्यों को राज्य का ब्राण्ड एम्बेसडर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका (उद्यमी सदस्यों) अनुभव, कौशल, निवेश और सुझाव राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार की प्रदेश के विकास की नई पारी को सफल बनाने हेतु सहयोग की अपील करते हुए योगी जी कहा कि प्रदेश सरकार ने उद्यमियों और निवेशकों के सुझाव के अनुसार नियमों में बदलाव और सरलीकरण किया गया है और आवश्यकतानुसार भविष्य में भी उनके सुझावों पर विचार कर उन्हें शामिल किया जाएगा।

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रदेश को प्रिफर्ड इण्डस्ट्रियल हब बनाने का संकल्प है। इस हेतु अपने अमूल्य सुझाव देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का फोकस केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रदेश के औद्योगिकीकरण पर है। 21 व 22 फरवरी को आयोजित की जा रही यू0पी0 इंवेस्टर्स समिट-2018 से इसकी शुरुआत होगी, जिसे सतत आगे बढ़ाया जाएगा।

बोर्ड की बैठक के प्रमुख एजेण्डा: उत्तर प्रदेश इंवेस्टर्स समिट-2018 पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, अनूप चन्द्र पाण्डेय ने एक प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि समिट का आयोजन इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया जाएगा। इसके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से प्रधानमंत्री की सहमति प्राप्त हो गई है। एग्रो एण्ड फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, टेक्सटाइल, रिन्यूएबल एनर्जी, टूरिज्म, सिविल एविएशन, इलेक्ट्राॅनिक्स, आई0टी0 एण्ड स्टार्टअप, फिल्म, एम0एस0एम0ई0 आदि समिट के फोकस सेक्टर्स हैं।

समिट के दौरान एन0आर0आई0 पर एक पूरा सेशन रखा गया है। नीदरलैण्ड, फिनलैण्ड तथा चेक रिपब्लिक समिट के कण्ट्री पार्टनर्स हैं। जापान, साउथ कोरिया, ताइवान, यू0एस0ए0, यू0के0, जर्मनी आदि देशों से चर्चा हो रही है। सी0आई0आई0 और फिक्की समिट के नेशनल पार्टनर, ई0वाई0 नाॅलेज पार्टनर, आई0आई0टी0 कानपुर टेक्नोलाॅजी पार्टनर तथा आई0आई0एम0 लखनऊ एकेडमिक पार्टनर हैं।

पाण्डेय ने कहा कि एयरोस्पेस एवं डिफेन्स, फार्मास्विटीकल्स, इलेक्ट्रिक वैहिकिल, वेयर हाउसिंग एण्ड लाॅजिस्टिक्स आदि के लिए नीतियों के आलेख तैयार किए जा चुके हैं। इन्हें मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत कर अनुमोदित कराया जाएगा। सिंगल विण्डो सिस्टम को उत्कृष्ट पोर्टल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय में इसके लिए पहले से ही अधिकारी नामित हैं। इसका सतत अनुश्रवण किया जा रहा है।

बैठक में बोर्ड के सदस्यों यू0एस0 भरतिया, अजय एस. श्रीराम, जगदीश खट्टर, समीर गुप्ता, एल0के0 झुनझुनवाला, बिनय कुमार तथा शिशिर जयपुरिया ने राज्य में निवेश और रोजगार प्रोत्साहन के सम्बन्ध में अपने सुझाव दिए। बैठक मंे कृषि उत्पादन आयुक्त, आर.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव श्रम, राजेन्द्र कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव ऊर्जा, आलोक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, शशि प्रकाश गोयल, प्रमुख सचिव पर्यटन, अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव वित्त, संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव चिकित्सा, डाॅ. प्रशान्त त्रिवेदी, प्रमुख सचिव आवास, मुकुल सिंघल तथा प्रमुख सचिव गृह, अरविन्द कुमार द्वारा राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में की गई पहल, प्रयास एवं प्रगति की जानकारी दी गई।

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