फ़्लैट ओनर फेडरेशन के अध्यक्ष कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी के नेतृत्व में कुछ सदय मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सी.एम.ओ.) डा. एन.के.गुप्ता एवम अतरिक्त सी.एम.ओ. डा. संजय अग्रवाल से हाल ही में मिले और मांग की कि दिव्यांगों का आई. क्यू. टेस्ट दिल्ली और मेरठ के बजाए गाज़ियाबाद में ही किया जाना चाहिए| एक दिव्यांग को दूसरे शहर में ले जाने के लिए दो अतरिक्त लोगो कि आवश्यकता होती हैं |

सुनीता भाटिया ने बताया की देश की कुल जनसँख्या के करीब 2 से 2 ½ प्रतिशत लोग दिव्यांग  हैं और जिस तरह से प्रदूषण और मिलावाटखोरी बढ़ रही है यह्संख्या बढती ही जायगी | पर यह भी सच है कि प्रत्येक दीव्याग में कुछ न कुछ विशेष योग्यता होती है |

गोपल महेश्वरी ने कहा कि दिव्यांगो को एकत्रित करके आई.क्यू. या बुद्धिमत्ता परीक्षण के लिया दिली या मेरठ ले जाना एक बड़ी समस्या है और वर्तमान में यह परीक्षण गाज़ियाबाद में नही किया जाता | मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए मेरठ मेडिकल कालेज को तुरंत पात्र लिखने का आश्वाशन दिया जिसमे हफ्ते में एक दिन डा. की टीम को गाज़ियाबाद बुलाया जायगा |

संध्या त्यागी और अजीत निगम ने यह भी कहा कि सरकारी अस्पताल में दिव्यांगो  का पंजीकरण ऐसे होता है कि जैसे भेड़ बकरियों के झुण्ड का पंजीकरण हो| यह पंजीकरण केवल ब्रहस्पतिवार को किया जाता है| हमारा अनुरोध है कि पंजीकरण को हफ्ते में दो दिन बुधवार और ब्रहस्पतिवार को किया जाय और दिव्यांगों के लिया अस्पताल में विशेष सुविधाओ का इंतजाम किया जाये| सी. एम. ओ. और ए. सी.एम.ओ. दोनों ने वर्तमान संसाधनों को देखते हुए निर्णय लिया की जनवरी 2018 में  दिव्यांगों के लिया दो अतरिक्त विशेष कैम्प सिविल सोसाइटी के अनुरोध पर 13 जनवरी और 20 जनवरी को केला भट्टा और नंदग्राम में लगाए जायंगे |

यह भी निर्णय लिया गया कि 04 जनवरी 2018 को ग्राम खोराजपुर एवं विहंग में स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्तदान कैम्प सरकारी अस्पताल कि तरफ से आयोजित किया जायेगा|

 

 

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