मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश के बदलते माहौल तथा इस राज्य के प्रति बढ़ते हुए विश्वास का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीतियों में अब निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने कनाडा के बिजनेस डेलिगेशन के सकारात्मक रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अब विदेशी भी निवेश की इच्छा जता रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने विगत नौ माह में कड़ी मेहनत की है और निवेशक मित्रवत् नीतियाँ बनाई हैं। इसके अलावा ऐसे कानून जो निवेश में बाधा बनते थे, उन्हें खत्म किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की राजनीति तथा आर्थिक गतिविधियों को केन्द्र बिन्दु है। राज्य में होने वाले बदलावों को उद्योगपतियों के लिए उत्साहजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों की हर सम्भव मदद करेगी, ताकि उन्हें राज्य में उद्योग स्थापित करने में कोई दिक्कत न हो। राज्य में औद्योगिक निवेश तथा रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 लागू की जा चुकी है। इस नीति के तहत मेगा परियोजनाओं को पुनः परिभाषित करते हुए निवेश को रोजगार सृजन के साथ लिंक किया गया है। सरकार द्वारा औद्योगिक परियोजनाओं की स्थापना के सम्बन्ध में शीघ्र निर्णय लेने के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया जा चुका है। इस बोर्ड में अग्रणी उद्योगपतियों को भी सदस्य बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक पार्काें के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। क्षेत्र विशिष्ट औद्योगिक पार्क जैसे-फार्मा, फूड पार्क, आईटी पार्क, लेदर पार्क, टेक्सटाइल पार्क, प्लास्टिक पार्क इत्यादि विकसित किए जा रहे हैं। भारत सरकार की ‘ईज आॅफ डूइंग बिजनेस’ की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार ने भी जरूरी कदम उठाए हैं। इसके तहत, प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है ताकि उद्यमियों को अपना कारोबार करने में ज्यादा से ज्यादा आसानी हो। समस्त औद्योगिक सेवाओं, स्वीकृतियों, अनुमोदनों, अनुमतियों एवं लाइसेंस को प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा, एक समर्पित सिंगल विण्डो पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसकी निगरानी उनके कार्यालय द्वारा स्वयं की जाएगी।

‘मेक इन इण्डिया’ की सफलता का लाभ उठाने के लिए ‘मेक इन यूपी’ विभाग की स्थापना तथा बेहतर कानून व्यवस्था के लिए, औद्योगिक क्लस्टर व क्षेत्र में समर्पित पुलिस बल तैनात करने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि पर जनसंख्या के दबाव को कम करने तथा किसानों की आमदनी में वृद्धि के लिए राज्य सरकार ने एक निवेश फ्रेण्डली खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति को भी लागू किया है। इसी प्रकार नवीन सौर ऊर्जा नीति, उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट-अप नीति तथा उत्तर प्रदेश इलेक्ट्राॅनिक्स मैनुफैक्चरिंग नीति को भी लागू किया गया है। शीघ्र ही हैण्डलूम एवं टेक्सटाइल, पर्यटन, फिल्म तथा डेयरी से जुड़ी नीतियां भी लागू की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों को अन्य राज्यों से जोड़ने के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे व बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे विकसित होने के उपरान्त लोगों को त्वरित आवागमन के साधन उपलब्ध होंगे। उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले ‘वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर’ तथा ‘ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर’ से राज्य से माल ढुलाई के समय में बेहद कमी आएगी। इसके अलावा ‘वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरिडोर’ के दोनों तरफ दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के लिए भारत सरकार से सहमति मिल गई है। उन्होंने उद्योगपतियों को ध्यान राज्य की सिविल एविएशन नीति की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि राज्य में हवाई सेवाओं की असीमित सम्भावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एकीकृत औद्योगिक समूहों की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 22 करोड़ की आबादी वाला यह राज्य न केवल एक बड़ा बाजार है, बल्कि यह कुशल जनशक्ति भी उपलब्ध कराता है। इस राज्य में उद्योग स्थापना से न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा बल्कि उद्योगपतियों को देश में अपनी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विदेशी मुद्रा अर्जन का भी अवसर मिल सकता है। उन्होंने उद्योगपतियों से एक बार पुनः आगामी 21-22 फरवरी को लखनऊ में आयोजित हो रही ‘इन्वेस्टर्स समिट-2018‘ में प्रतिभाग करने के लिए आमंत्रित किया ।

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