हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के अंतिम दिन का कार्यक्रम मातृ-पितृ वंदन से शुरू हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्री 108 श्री महामंडलेश्वर गुरु शरणानंद जी महाराज कार्ष्णी आश्रम, साथ गुणवंत कोठारी अमित चौहान व प्रवीण गौतम जी ने मंच की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन किया गया उस समय आचार्य योगेश दत्त गौड़ व उनके शिष्यों द्वारा वेद मंत्रों की ध्वनि से पूरा माहौल भक्ति और वात्सल्य के रस में डूब गया।
गुरुकुल महर्षि वेदव्यास वेद पीठ के आचार्य योगेश दत्त गौड़ व उनके शिष्यों द्वारा सरस्वती वंदना की गई। कार्यक्रम की एक विशेषता यह भी थी कि यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा एक ही समय में विश्व के चार अलग-अलग देशों में प्रसारित वह आयोजित किया गया। गुणवंत कोठारी जी ने बताया कि यह हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया गया है। कण-कण में परमात्मा है, परिवार सबसे महत्वपूर्ण एवं आवश्यक इकाई है जिसमें व्यक्ति के सारे सदगुण विकसित होते हैं। हमारा समाज संबंधों पर आधारित है। हमें नई पीढ़ियों को संस्कार देने चाहिए। इसके उपरांत शुचि वशिष्ठ ने बहुत ही मनमोहक नृत्य प्रस्तुति की। बालकों द्वारा गणेश जी और कार्तिकेय जी के ऊपर नाट्य मंचन भी किया गया।
श्री श्री 108 महामंडलेश्वर गुरु स्वामी शरणानंद जी महाराज ने कहा कि आध्यात्म ही इस भारत राष्ट्र को एक सूत्र में बांध सकता है। जीवन में जब भी उचित निर्णय की आवश्यकता हो चाहे राजनीति या और कुछ तो वह आप को वेदों में मिल जाएगा। माता पिता की पूजा हमारे धर्म का अनुष्ठान है। माता पिता का वंदन हमारा कर्तव्य है। इसके बाद मातृ-पितृ वंदन का भव्य आयोजन परितोष कुमार के संचालन में हुआ। पूजन का मुख्य आकर्षण पांच पीढ़ियों का वह परिवार रहा जिसकी वरिष्ठतम सदस्या माँ  कैला देवी सदस्य की आयु 105 वर्ष है। इन पांचों पीढ़ियों के कुल 77 सदस्यों में से 37 सदस्य वंदन कार्यक्रम में उपस्थित थे, यह परिवार ग्रेटर नोएडा के ग्राम हैबतपुर का निवासी है । वंदन में माता पिता के चरण धोए गए तिलक किया गया माला पहनाई गई व अंगवस्त्र देकर मुंह मीठा कराकर संकल्प लिया गया।भावविभोर कर देने वाले इस कार्यक्रम में 700 माता पिता का पूजन वंदन उनके बालकों के द्वारा किया गया।
देर शाम समापन पर आयोजित कार्यक्रम परम्मवीर वन्दन  में राष्ट्र भाव का जागरण करने वाली प्रस्तुतियाँ हुयी और शहीद गुरजिन्दर सिंह सूरी, मेजर मोहित शर्मा और कैप्टन देवेन्द्र सिंह जस के परिवार जनों तो स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।मुख्य वक़्ता  मनिन्दर सिहं बिट्टा ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल और लाल बहादुर शास्त्री जैसी राजनीति की आज बहुत आवश्यकता है आजादी के बाद राजनीति को मनोरंजन का साधन बना के रख दिया था,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र  मोदी के विषय में बोलते हुये कहा कि पहली  बार हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृभूमि की रक्षा के लिए सेना को छूट दी है मैं उनके इस फैसले के साथ हूं ।अगर मातृभूमि मजबूत है तो कहीं कोई आतंकवादी नहीं हो सकता।
नोट बंदी का फैसला राष्ट्रहित का फैसला था तथा उन लोगों के हां पर तमाचा था जो नोटों का सारा लेकर मातृभूमि कमजोर करने में लगे थे उन्होंने कहा कि सबके मन में एक ही भाव होना चाहिये ‘राष्ट्र प्रथम’ का ।
वीके सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आध्यात्म सेवा और धर्म राष्ट्र को सर्वोपरि बनाने में महत्वपूर्ण कारक है।धर्म कार्य करने की प्रेरणा देता है
मंच पर विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राराष्ट्रीय महामंत्री दिनेश स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह आतंकवाद विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा, पावन चिंतन धारा के पवन सिन्हा  मेला समिति के अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश उपस्थित थे।
गत रात्रि हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले में रंगमंच के आकाश के दैदीप्यमान सितारे  मनोज जोशी ने अपने साथी कलाकारों के साथ चाणक्य नाटक के मंचन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मेले के सचिव राहुल सिहं ने समापन पर प्रेषित भाषण में कहा कि सफल आयोजन सभी के प्रयास से सम्भव हो पाया है और सभी की सहभागिता इसकी सफलता की परिचायक है।

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