राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य इन्द्रेश कुमार ने कहा कि भारत के कश्मीर सहित पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी भारत का अभिन्न अंग है। पाकिस्तान ने यदि बलुचिस्तान सहित आतंकवाद की अपनी गतिविधियों को बंद नहीं किया तो वह दिन दूर नहीं, जब पाकिस्तान दुनिया के नक़्शे से मिट जाएग। इन्द्रेश गुरुवार को हिंद बलूच फोरम द्वारा आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। गोष्ठी में हिंद बलूच फोरम ने उन्हें प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उन्होंने मांग की कि बलूच से विस्थापित होकर हिंदुस्थान में आएं हैं उन्हें रोजगार के लिए आसान किश्तों पर व्यवसायिक जगह सामुदायिक केन्द्र, सस्ती शिक्षा और चिकित्सा देने के साथ-साथ उनके समाज को एक साथ बसाने की व्यवस्था करी जाए ताकि वे अपनी प्राचीन संस्कृति, परम्पराओं का सरंक्षण कर सकें। राजकीय महिला कालेज में आयोजित इस गोष्ठी का संचालन हिंद-बलूच फोरम हरियाणा के संरक्षक पवन चौधरी ने किया। 

इस मौके पर उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान सहित काश्मीर की समस्या कांग्रेस की देन है। कांग्रेस ने विभाजन कराया, जबकि सरदार पटेल ने ६०० रियासतों को जोड़ कर  भारत को एक करने का महान कार्य किया। उनके अनुसार आजादी के ७० साल बाद नव भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। अमेरिका व चीन जैसे देश आतंकवाद मिटाने में फेल हो चुके हैं। लेकिन आतंकवाद मिटाने के लिए भारत के संकल्प के साथ १८२ देशों का समर्थन दिखाई दे रहा है। चीन एक बार फिर अपने नापाक इरादे लेकर पाकिस्तान की आड में भारत को कमजोर करने की नाकाम कोशिश कर रहा है। सीमा पर तैनात भारत के वीर जवान गोलियां झोल कर भी देश की रक्षा कर रहे हैं। उन्होने गोष्ठी में उपिस्थत लोगों को हाथ उठवाकर देश की रक्षा के लिए संकल्प भी कराया। इस मौके पर वे लोगों को सफाई व्यवस्था के प्रति सजग करने को भी नहीं भूले। उनके अनुसार गीता मानवता के लिए सर्वेश्रेष्ठ ग्रंथ है, ये दुनिया अब मानने लगी है। यह भारत की दुनिया में खनक ही है कि अरब जैसे देशों ने योग को अपना पाठ्यक्रम बना लिया है। दुनिया मानने लगी है कि योग कम से कम खर्च में अधिक से अधिक फायदा देने वाली परम्परा है।

इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित सेना के रिटायर्ड जरनल जीडी बक्शी ने दो टूक शब्दों में भारत सरकार से कहा कि आतंकवाद बलूचिस्तान जैसी समस्याएं बातों से नहीं बल्कि पुरषार्थ से समाप्त होगी। पाकिस्तान लातों को भूत है, उसके एक नहीं चार टूकड़े करने होंगे। तभी एशिया में शांति स्थापित होगी। उन्होंने ७१ के युद्ध की याद दिलाते हुए कहा कि वह दिसम्बर का ही महीना था, जब भारत की जाबांज सेना ने पाकिस्तान के दो टुकडै़ किए थे। अब पुन: समय आ गया है कि पाकिस्तान को उसकी औकात बतानी होगी। इस मौके पर हिंद बलूच फोरम के अंतराष्ट्रीय संयोजक गोविंद शर्मा ने विस्तार से बलूचिस्तान की समस्याओ पर प्रकाश डाला। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे फोरम के संरक्षक स्वामी जितेन्द्रा नंद ने कहा कि भारत में अनेक ऐसी विदेशी पैसों से चलने वाली संस्थाएं भारत को तोडऩे का काम कर रही हैं। केन्द्र सरकार ने करीब २२,००० ऐसी संस्थाओं को बंद किया है। जो धर्मांतरण के कार्य भी कर रही थी।

इस अवसर पर बलुचिस्तान से आए एनसीआर बलूच फोरम के प्रतिनिधि गोवर्धन दास, ज्योति डेमला, गुरुदास जी व कोषाध्यक्ष कृष्ण मंगल, महेश डेबला आदि काफी संख्या में लोग थे। इनके अलावा विभाग प्रचार प्रमुख अनिल कश्यप, सह विभाग कार्यवाह हरिश शर्मा, महानगर कार्यवाह विजय कुमार, भाग कार्यवाह हिमांशु, भाजपा नेता कुलभूषण भारद्वाज, कार्यवाह चरत खटाना, भाजपा नेत्री प्रिय दर्शनी, डा. हिमानी, एसएन शर्मा, कालेज की प्राचार्य आदि सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

 

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