सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा के गुरुग्राम व फरीदाबाद मंडल के अंतर्गत पडऩे वाले जिलों मे विभाग की ड्रामा व भजन पार्टियों तथा खंड प्रचार कार्यकर्ताओं की चार दिवसीय कार्यशाला का समापन गुरुग्राम के स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद् भवन में किया गया। इस अवसर पर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक तथा दिल्ली सरकार में भी निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके महिपाल सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रचार अमले को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि पिछले 30-40 साल के कार्यकाल में विभाग में काफी परिवर्तन आया है। आज संगीत में विभिन्न प्रकार के नए आधुनिक यंत्र भी आ गए हैं। आज लोग काफी मोबाइल व अन्य सोशल साइटों के माध्यम से काफी अपडेट रहने लगे हैं परिणामस्वरूप आज लोग संगीत में नयापन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों पर बनाए जाने वाले गीतों मे शब्दों का चयन मर्यादित होने के साथ साथ उसमें रोचकता का होना भी अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही प्रचार अमले को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है और उन योजनाओं को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
सिंह ने कहा कि प्रचार अमले को युवाओं की पसंद की भी जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी रूचि को ध्यान में रखते हुए लोक गीत बनाए जाए ताकि उन्हें अपनी पारंपरिक लोक विधाओं से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि युवाओं में लोक गीतों को लेकर आकर्षण व रोचकता कैसे पैदा हो, इस पर गंभीर विचार करने की आवश्यकता है। प्रचार अमला युवाओं की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए लोक गीत तैयार करे। इसके साथ ही युवाओं को नौक री की वैकेंसी या सरकार द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की विस्तार से भी जानकारी दी जा सकती है। आज हमें अपने पारंपरिक लोक गीतों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जिंदा रखने की जरूरत है। प्रचार अमले को मधुरता, आकर्षण, प्रैजेंटेशन, शब्द व सुर-ताल को एक साथ पिरोकर समाज को नई दिशा देनी है  ताकि समाज में इन सभी चीजों का संतुलन स्थापित किया जा सके।
इस अवसर पर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के उप-निदेशक आर एस सांगवान ने कार्यशाला में पहुंचे मुख्य अतिथि का स्वागत किया। सांगवान ने इस अवसर पर कहा कि इन चार दिनों में प्रचार अमले ने जिन गीतों को तैयार किया है उन्हें फील्ड में जाकर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि वे सरकार की उपलब्धियों व नीतियों को लेकर पहले स्वयं अपडेट रहें और इसके बाद लोगों तक इसकी जानकारी पहुचाएं। उन्होंने कहा कि आज सूचना का युग है इसलिए जरूरी है कि सूचना सबसे ज्यादा रखो।
इस चार दिवसीय कार्यशाला में प्रचार अमले द्वारा सरकार की तीन साल की उपलब्धियों पर आधारित 54 नए गीत तैयार किए गए हैं। इस कार्यशाला का शुभारंभ 11 दिसंबर को किया गया था जिसमें विभाग के संयुक्त निदेशक (क्षेत्र) डा. कुलदीप सैनी आए थे। उसके बाद इन लोक कलाकारों का मार्गदर्शन करने के लिए आकाशवाणी रोहतक के निदेशक रह चुके कैलाश वर्मा, जो स्वयं एक अच्छे गायक हैं, प्रसिद्ध लोक गायक बालकृष्ण, राजकीय महाविद्यालय सैक्टर-14 के संगीत प्राध्यापक लोकेश शर्मा, राज्य लोकगायक रह चुके प्रेम सिंह देहाती , सेवानिवृत जन सूचना अधिकारी रणबीर सिंह दहिया सहित कई विशेषज्ञ कार्यशाला में आए। चारो दिन विभाग के गीत एवं नाटक अधिकारी राजबीर भाiरद्वाज तथा वरिष्ठ कलाकार इन्द्र लांबा भी कार्यशाला में मौजूद रहे और प्रचार अमले से नए गीत लिखवाने के साथ साथ उनका रियाज भी करवाते रहे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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