गुरुग्राम के सोहना ब्लॉक के सभी गांवो को पॉलीथिन मुक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुग्राम में नियुक्त मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी गुंजन गहलावत व जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान ने सोहना ब्लॉक के सरपंचों के साथ बैठक की और उन्हें अपने गांव को पोलीथिन मुक्त बनाने की शपथ दिलाई।
बैठक में उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेन्द्र सारवान ने कहा कि प्रतिवर्ष अधिक से अधिक प्लास्टिक बैग पर्यावरण को खऱाब कर रहे हैं। ये प्लास्टिक बैग पानी के स्त्रोतों, उद्यानों, समुद्र के किनारे और सडक़ों पर मिल जाते हैं जिससे प्रदूषण फैलता है। कई जानवर इन्हें खाने की चीज़ समझकर खा लेते हैं और इससे उनकी मृत्यु हो जाती है। प्लास्टिक बैग्स का पर्यावरण पर सबसे अधिक दुष्प्रभाव यह होता है कि ये नॉन बायोडिग्रेडेबल हैं। और आज पोलिथिन के बढ़ते इस्तेमाल के कारण सम्पूर्ण पर्यावरण दूषित हो रहा है। खेत खलिहान जहाँ भी यह होगा वहाँ की उर्वरा शक्ति कम हो जाएगी और इसके नीचे दबे बीज भी अंकुरित नहीं हो पाएँगे परिणामस्वरूप भूमि बंजर हो जाती है। इससे बड़ी समस्या नालियाँ अवरुद्ध होने की आती हैं। कूड़े से भरे पॉलीथीन वातावरण को प्रदूषित करते हैं।
खाने योग्य वस्तुओं के छिलके पॉली में बंदकर फेंके जाने से, पशु इनका सेवन पॉलीथीन सहित कर लेते हैं, जो नुकसानदेय है और यहाँ तक की पशुओं की मृत्यु तक हो जाती है। उन्होंने बताया कि पोलीथिन जलाने पर उसमें से फ्लोरो-फ्लोरी कार्बन निकलता है जिससे पर्यावरण की ओजोन परत पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
गुंजन ने कहा कि प्रकृति ईश्वर की अनुपम देन है जिसे संजोए रखना समाज का कर्तव्य है। अत: मानव समाज को पॉलीथीन से होने वाले प्रदूषण के बचाव के लिये बढ़ चढ़ कर आगे आना होगा और अपने-अपने स्तर पर इससे निपटने के लिये सहभागी होना होगा। इसमें चाहे बच्चें हों या बूढ़े, स्त्री हो या पुरूष, शिक्षित हो या अशिक्षित, अमीर हो या गरीब, शहरवासी हो या ग्रामवासी सभी को इससे निजात पाने के लिये सहृदय कार्य करना होगा। परिवार के बड़े सदस्य स्वयं पॉलीथिन का प्रयोग न करे और साथ ही सभी दूसरे सदस्यों को भी इसका प्रयोग करने से रोकें। उन्होंने सरपंचो से कहा कि वे आस-पास के लोगों को भी इस बारे मे जागरूक करें। उन्होंने कहा कि वे लोगों को बताएं कि यदि वे बाजार खरीदारी करने जाएं तो अपने साथ जूट या कपड़े निर्मित थैले लेकर जाएं और यदि दुकानदार पॉलीथिन में सामान दें तो उनको भी इसका प्रयोग करने से रोकें और इसका बहिष्कार करने के लिए प्रेरित करें। यदि उपभोक्ता ही इसका इस्तेमाल करना बंद कर दें तो इसकी जरूरत दिन प्रतिदिन कम होती चली जाएगी और एक समय ऐसा भी आएगा जब पॉलीथीन का पूरे वातावरण से सफाया हो जाएगा।
बैठक में सरपंचो को शपथ दिलाई गई कि ‘मै शपथ लेता हूं कि अपने गांव को पोलिथिन मुक्त बनाकर पर्यावरण सरंक्षण में मदद करूंगा और प्रदूषण रोकूंगा।’
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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