प्रदेश की सडक़ों को गड्डामुक्त बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने नई पहल करते हुए ‘हरपथ हरियाणा’ मोबाइल एप लांच की है। अब आम जनता को सरकारी कार्यालयों मे जाकर टूटी सडक़ के बारे में शिकायत करने की जरूरत नही है, बल्कि सडक़  की फोटो करके एप पर डालने से ही शिकायत संबंधित विभाग को चली जाएगी। हरियाणा प्रदेश में अब तक इस एप को लगभग 7,000 लोगों ने डाऊनलोड किया है। गुरुग्राम जिले में 215 लोगों ने हरपथ हरियाणा एप डाऊनलोड किया है और इस एप के माध्यम से टूटी सडक़ों से संबंधित 78 शिकायतो का निपटारा भी किया जा चुका है।
इस बारे मे जानकारी देते हुए गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि इस मोबाइल एप को किसी भी एंड्रायड फोन पर नि:शुल्क डाऊनलोड किया जा सकता है। यह मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है। इस मोबाइल एप की खास बात यह है कि इसमें प्रदेश की सभी सडक़ों की जियो टैंगिंग की गई है। इस मोबाइल एप को डाऊनलोड करने के बाद संबंधित मोबाइल यूजर को स्वयं को इस पर रजिस्टर करना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद फोन में जीपीएस ऑन किया जाना चाहिए ताकि संबंधित मोबाइल यूजर की लोकेशन आईडेंटिफाइ हो सके। स्वयं को रजिस्टर करने के उपरंात यदि व्यक्ति सडक़  के क्षतिग्रस्त होने की कंप्लेंट करना चाहता है तो मोबाइल एप में कंपलेंट का ऑप्शन दिया गया है। कंपलेंट ऑप्शन में जाकर व्यक्ति को सडक़ों के जाल का एक चित्र दिखाई देगा जिसपर एक सुईनुमा निशान लगा होगा। इस निशान को मूव करने पर सडक़ों के नाम व उसकी लोकेशन दिखाई देगी। सडक़ों के जाल को सैटेलाइट मैप में भी देखा जा सकता है, इसका विकल्प भी मैप के साथ ही दिया गया है। इस सुईनुमा निशान को क्षतिग्रस्त सडक़ के नाम के ऊपर ले जाने पर मैप के नीच सडक़ की लोकेशन लिखी आती है।
लोकेशन के नीचे एक अन्य विकल्प ‘रोड़ प्रोब्लम टाइप’ लिखा आता है जिसको सिलेक्ट करने पर सडक़ की स्थिति बताने संबंधी तीन विकल्प आते है जिसमें से पहला डैमेज्ड रोड़, दूसरा एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट तथा तीसरा, अदर्स का होता है। इन तीनो विकल्पों में से एक सिलेक्ट करने के बाद अगला विकल्प रिमाक्र्स का होता है जिसमें व्यक्ति टिप्पणी लिखेगा। अंतिम विकल्प फोटो अपलोड का होता है जिस पर जाकर यूजर क्षतिग्रस्त सडक़ की फोटो खींचकर अपलोड करेगा। शिकायत अपलोड होने के बाद इसकी सूचना संबंधित विभाग के अधिकारी व इंजीनियर के पास चली जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी कि सडक़ के गड्डे भरवाकर उसकी मरम्मत करवाए।
यूजर अपनी शिकायत का स्टेटस भी मोबाइल एप में देख सकता है। शिकायत का समाधान होने उपरंात उसके स्टेटस में इसकी सूचना यूजर को दी जाती है। इस एप के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायत को दूर करने के लिए सरकार ने 15 दिन का समय निर्धारित कर रखा है। उपायुक्त ने कहा कि इस एप को डाऊनलोड करने के दो फायदे हंै जिसमें से पहला फायदा यह है कि इससे प्रदेश की सडक़ों की मॉनीटरिंग करने में आसानी हो रही तथा दूसरा फायदा ये है कि सडक़ों की दशा सुधर रही है। गुरुग्राम जिला में इस मोबाइल एप का महत्व और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि सडक़ों के गड्डे से वाहनों की रफ्तार धीमी होती है जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। सडक़ों की स्थिति ठीक होने से लोग अपने गण्तव्य पर समय पर पहुंच पाएंगे। सडक़ों के गड्डामुक्त होने पर सडक़ दुर्घटनाओं में भी गिरावट आएगी क्योंकि कई बार सडक़ों पर गहरे गड्डे होने से तेज गति पर चलने वाले वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाता है और वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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