अब नागरिक अस्पताल में आधार कार्ड लेकर आने वाले मरीजो की ओपीडी रजिस्टे्रशन के लिए अलग लाईन लगेगी, जिससे आधार कार्ड के साथ आने वाले मरीजो का अस्पताल में पर्ची बनवाने में जल्दी नंबर आएगा।
इस बारे में जानकारी उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव, डा. राकेश गुप्ता की वीडियों कान्फें्रसिंग में ई-उपचार की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दौरान दी। सिंह ने बताया कि जिला के नागरिक अस्पतालों में ई-उपचार प्रणाली अपनाई जा रही है जिसके तहत मरीज के उपचार को भी आधार से लिंक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आधार लेकर नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजो की बीमारी, उसका ईलाज, डायग्रोसिस, चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाइयां आदि संबंधी पूरी जानकारी  ऑनलाईन उपलब्ध होगी। मरीज का आधार नंबर डालते ही उसकी बीमारी तथा उपचार की जानकारी चिकित्सक के सामने आ जाएगी। यही नहीं, पूरा डाटा चिकित्सा विभाग के मुख्यालय पर भी संकलित होता रहेगा। इससे यह सुविधा होगी कि हरियाणा के सभी सरकारी अस्पताल आपस में ई-उपचार के माध्यम से जुड़े होंगे और मरीज किसी भी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाएगा तो उसके उपचार का पूरा विवरण वहां कम्प्यूटर पर चिकित्सक को प्राप्त होगा। इससे मरीजो के उपचार में सुविधा होगी।
डा. गुप्ता ने  आज चण्डीगढ़ मुख्यालय से वीडियों कान्फें्रसिंग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं पर हुई प्रगति की समीक्षा जिला उपायुक्तों के साथ की। उन्होंने गुरुग्राम जिला में पीसी-पीएनडीटी एक्ट को लागू करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि गुरुग्राम जिला का पिछले तीन महीनों के दौरान जन्म के समय लिंगानुपात 912 हो गया है। अकेले सितंबर माह का जन्म के समय लिंगानुपात 966 तक पहुंच गया है जिसका अर्थ है कि 1,000 लडक़ो के विरूद्ध लड़कियों की संख्या 966 हो गई है। गुरुग्राम के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गठित कमेटी द्वारा पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने के आरोपी भ्रूण की लिंग जांच में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ 24 एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों जिला प्रशासन की टीम द्वारा दिल्ली के जनकपुरी में रेड डालकर लिंग जांच करने वाले आरोपियों को पकड़वाया गया। इसी प्रकार उत्तरांचल के रूडक़ी सहित कई स्थानों पर अतंर्राज्यीय रेड भी डाली गई। डा. गुप्ता ने कहा कि इस मामले में सत्र्तक रहने की अभी भी जरूरत है।
बैठक में डा. गुप्ता ने बेटी बचाओ- बेटी पढाओ, मैडिकल इंटोक्सिकेंट के खिलाफ अभियान, पोक्सो एक्ट को लागू करने, सीएम विंडो पर मिलने वाली शिकायतों के निवारण, सोशल मीडिया ग्रीवेंस टै्रकर, सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लागू किया जा रहा हरियाणा वीजन जीरों कार्यक्रम, ई उपचार , परिवहन सेवाओं के लिए लागू एसओपी के क्रियान्वयन, सक्षम हरियाणा योजना , अप्रेन्टिसशिप प्रमोशन स्कीम को लागू करने, सिटीजन सर्विस डिलीवरी-सरल, शहरी सडक़ों को आवारा पशुओं से मुक्त करने, हरपथ पोर्टल के क्रियान्वयन, शहरी स्थानीय निकायों में नागरिक सुविधा केंद्र खोलने, स्वच्छ मैप व स्वच्छ एप के प्रयोग, शहरी व ग्रामीण क्षेत्र को ओडिएफ प्लस की ओर ले जाने आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की और उपायुक्तों से रिपोर्ट तलब की।
बैठक में डीसीपी अशोक बख्शी, एचएसआईआईडीसी के डीजीएम दिव्य कमल, प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. प्रदीप, मनोरोग विशेषज्ञ डा. ब्रह्मदीप संधु, उप सिविल सर्जन डा. सरयु शर्मा, नगराधीश मनीषा शर्मा, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त अन्नु श्योकंद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी गुंजन गहलोत सहित कई अधिकारीगण उपस्थित थे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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