राज्य में सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के वृहद सम्भावनाओं के दोहन एवं ऊर्जा की मांग की पूर्ति तथा उपलब्धता के अन्तर में कमी करने के उद्देश्य से नवीन सौर ऊर्जा नीति-2017 प्रख्यापित की गयी है। नयी नीति का 5 साल में 10,700 मेगावाॅट का लक्ष्य है जो वर्ष वर्ष 2013 की नीति के 500 मेगाॅवाट के लक्ष्य से 20 गुना अधिक है। कुल लक्षित क्षमता 10,700 मेगावाॅट की स्थापना से अनुमानतः 1,36,69,250 टन कार्बन डाई आक्साइड उत्सर्जन में प्रतिवर्ष की कमी आयेगी जो प्रतिवर्ष 6,42,00000 वृक्षों द्वारा शोषित की गयी कार्बन डाई आक्साइड के सम्तुल्य होगी। नयी नीति का मुख्य आर्कषण उपभोेक्ताओं तथा निवेशकों को सुविधायें प्रदान करना है।

यह जानकारी देते हुए प्रदेश के वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री, ब्रिजेश पाठक ने सचिवालय, एनेक्सी स्थित मीडिया सेण्टर में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में पत्रकारों से रू-बरू होकर कही। उन्होंने कहा कि नयी नीति की सहायता से प्रदेश में वर्ष 2022 तक लगभग 50,000 करोड़ रूपये का निजी निवेश आयेगा, जिससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन होंगे और उत्तर प्रदेश भारत सरकार की नयी पहल ‘इण्टरनेशनल सोलर एलायंस‘ में अग्रणी भागीदार बनेगा।

पाठक ने मीडिया बन्धुओं को अपने सम्बोधन में कहो कि इस नीति के अन्तर्गत निवेशकों को प्रदेश में तथा प्रदेश के बाहर उद्योगों व उपभोक्ताओं को ओपन एक्सेस के माध्यम से सीधे विद्युत विक्रय करने का आॅफर दिया गया है। ऐसे ओपेन एक्सेस उपभेक्ताओं को तथा कैप्टिव प्रयोग के लिये विद्युत विक्रय करने को और अधिक सुलभ बनाने के लिए ट्रांसमिशन चार्जेज में 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। यदि विद्युत का विक्रय प्रदेश की विद्युत आयात क्षमता को राहत मिलेगी। ओपन एक्सेस को बढ़ावा देने से प्रदेश में सौर ऊर्जा का बाजार विकसित होगा।

पाठक ने बताया कि रूफटाॅप सौर ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा देने के लये नेडा रेस्को माॅडल को उपभोक्ताओं तक प्रसारित करने में सक्रिय भूमिका निभायेगा। इस माडल के माध्यम से सार्वजनिक व निजी संस्थायें तथा अन्य प्रतिष्ठान बिना किसी पूंजी निवेश किये ग्रिड विद्युत की तुलना में सस्ती बिजली प्राप्त कर सकते हैं और उन्हें अपने उपयोग से अधिक उत्पादित बिजली को ग्रिड को बेचने की सुविधा भी होगी। यह माॅडल प्रदेश तथा देश में अत्याधिक लोकप्रिय है और उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं को भी इससे लाभ मिलेगा।

पाठक ने प्रेस कांफ्रेस में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड के विकास के लिए एक नया प्रावधान यह रखा गया है कि वहाँ स्थापित होने वाली नयी औद्योगिक इकाईयों को बुन्देलखण्ड में उत्पादित सौर विद्युत तुलनात्मक रूप से सस्ती दरों पर उपलब्ध करायी जाये। पाठक ने अपने सम्बोधन में कहा कि सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वालों और विशेषकर छोटे रूफटाॅप संयंत्रों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार माह जनवरी, 2018 से ऐ नेट मीटरिंग पोर्टल चालू करेगी ताकि निवेशकों को नेट मीटरिंग की अनुमति लेने के लिए विद्युत वितरण निगमों के कार्यालयों में चक्कर न लगाने पड़ें।

विधि, न्याय एवं अति0 ऊर्जा स्रोत मंत्री, पाठक ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि निवशकों की सुविधा के लिये नेडा की सिंगल विण्डों सुविधा को वेब बेस्ड बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि नयी नीति में 10 किलोवाट तक के संयंत्रों को विद्युत सुरक्षा कि अनुमति से छूट दी गयी है। रूफटाॅप संयंत्रों को अतिरिक्त एफएआर की आवश्यकता से मुक्त किया है और सभी सौर्य ऊर्जा संयंत्रों को पर्यावरण व प्रदूषण की अनापत्ति से अवमुक्त किया गया है। प्रदेश सरकार का यह कदम निवेशकों को इंस्पेक्टर राज से राहत दिलायेगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, ऊर्जा, आलोक कुमार भी उपस्थित थे।

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