मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आॅनलाइन रजिस्ट्री की व्यवस्था का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आॅनलाइन रजिस्ट्री की व्यवस्था पंजीयन में सहूलियत प्रदान करने के साथ-साथ पारदर्शी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार भ्रष्टाचार एवं भाई-भतीजावाद को समाप्त करने के लिए प्रत्येक स्तर पर तकनीक को बढ़ावा दे रही है। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा लेख पत्रों का आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शुभारम्भ के अवसर पर स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क, पंजीयन मंत्री, नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, सूचना सलाहकार, मृत्युंजय कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव स्टाम्प एवं पंजीयन, हिमांशु कुमार, महानिरीक्षक स्टाम्प एवं पंजीयन, कामिनी चैहान रतन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था प्रदेश की जनता को व्यवसायिक, आवासीय, कृषि एवं गैर कृषि प्लाॅटों, आवासों एवं खेतों के पंजीयन में सुविधा प्रदान करेगी। पूरे प्रदेश में रजिस्ट्री की आॅनलाइन व्यवस्था कार्य करने लगी है। आॅनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा प्राप्त हो जाने से जहां भूमि, भवन विक्रेता एवं खरीद्दार, दोनों को आसानी होगी। आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था से अभिलेखों की नकल आदि प्राप्त करने में सम्बन्धित पक्षों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। साथ ही, रजिस्ट्री में आए दिन होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के साथ-साथ श्रम एवं समय की बचत होगी।

जनता को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश के समस्त विभागों को कम्प्यूटरीकृत कर ई-आॅफिस में परिवर्तित किया जा रहा है। इसी कड़ी में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के उपनिबंधक कार्यालयों में लेख पत्रों का पंजीकरण शत-प्रतिशत आॅनलाइन कराकर पक्षकारों को सीधे अपना कार्य करने का अवसर प्रदान करते हुए स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जा रहा है।
रजिस्ट्री एवं अन्य सम्बद्ध प्रक्रियाओं को आॅनलाइन कराने हेतु ‘प्रेरणा’ साफ्टवेयर का नवीनतम वर्जन ‘प्रेरणा-3’ एनआईसी द्वारा विकसित किया गया है। आॅनलाइन रजिस्ट्री से सम्बन्धित व्यक्तियों को अभिलेखों की नकल प्राप्त करने के साथ-साथ बैंकों से ऋण लेने के लिए भारमुक्त प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए उपनिबंधक कार्यालयों का चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here