मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व मृदा दिवस के अवसर पर अपने सरकारी आवास पर ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल’ (किसान पाठशाला) का शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम के तहत 15 हजार पाठशालाओं के आयोजन के माध्यम से प्रदेश के लगभग 10 लाख किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य के संरक्षण व संवर्द्धन के सम्बन्ध में जागरूक करने सहित किसानों की आय दुगुना करने के लिए कृषि एवं अन्य सम्बन्धित विभागों द्वारा संचालित कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान खुशहाल होगा तो देश-प्रदेश खुशहाल होगा। उत्तर प्रदेश की आबादी का घनत्व राज्य की धरती की उर्वरा शक्ति का प्रमाण है। इस भूमि में अपार सम्भावनाएं हैं। यदि यहां के किसानों को कृषि की आधुनिक तकनीकी सहित समुचित सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं, तो उत्पादन क्षमता को दुगुना और तिगुना तक बढ़ाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती माता हम सबकी माता हैं। उनका दोहन और शोषण हुआ है। इसका दुष्परिणाम उत्पादकता में कमी के रूप में सामने आ रहा है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड से यह पता चलता है कि भूमि को किन पोषक तत्वों की आवश्यकता है। इन पोषक तत्वों को धरती माता तक पहुंचाने के लिए किसान को प्रेरित और प्रोत्साहित किया जाता है। राज्य सरकार किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड मुहैया कराने का काम कर रही है। इस कार्य में तमाम स्वयंसेवी संस्थाएं भी योगदान कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समाज में किसान, युवा और महिलाएं उपेक्षित होंगी वह समाज तरक्की नहीं कर सकता। देश व प्रदेश में पहली बार ऐसी सरकार सत्ता में आयी है, जो परिवार, जाति और सम्प्रदाय के स्थान पर देश व समाज के विकास पर ध्यान दे रही है। किसानों को उनकी उपज का मूल्य उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने किसानों से गेहूं का क्रय किया तथा धान की खरीद की जा रही है। गन्ना किसानों के पिछले अनेक वर्षाें का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के साथ ही, वर्तमान पेराई सत्र में 14 दिनों के अन्दर गन्ना मूल्य भुगतान कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि में आधुनिक तकनीकी का फायदा उठाया जाना चाहिए। किसानों को कृषि की आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक बड़े जनपद में दो और छोटे जनपद में एक कृषक केन्द्र खोलने का कार्य राज्य सरकार कर रही है। आगामी मार्च से जून तक 60 हजार हेक्टेयर असिंचित पड़ी भूमि को सिंचित किया जाएगा। सिंचाई में ड्रिप सिंचाई तकनीक का इस्तेमाल करके कम पानी के इस्तेमाल से भी सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा सकता है। राज्य सरकार इस वर्ष किसानों को 20 हजार सोलर पम्प उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए योजना बनाकर 15 मई तक बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी कार्याें को पूर्ण कराने के निर्देश दिये गये हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार द्वारा संचालित सबमिशन आॅन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन योजना के अन्तर्गत 10 फार्म मशीनरी बैंकों को ट्रैक्टर की प्रतीकात्मक चाभी सौंपी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसान पाठशाला में किसानों को दी जाने वाली जानकारी के सम्बन्ध में पुस्तिका तथा 5 वर्ष में किसानों की आय दुगुना करने के सम्बन्ध में पुस्तिका का विमोचन भी किया।

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