विधि, न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने कहॉ कि काशी पूर्ण तीर्थ है। यहॉ पर द्वादश ज्योर्तिलिंग के साथ-साथ अष्ट भैरव, अष्टविनायक, अष्ट प्रधान विनायक, नव गौरी, नव दुर्गा सहित द्वादश आदित्य के अलावा कालभैरव मंदिर एवं बटुक भैरव की प्राचीनतम् पौराणिक मंदिर स्थापित है। उन्होने कहॉ कि काशी के प्राचीनतम् मूलस्वरूप को बनाये रखने हेतु इन अति प्राचीनतम् मंदिरो एवं तीर्थ स्थलों के धरोहरों को संजोने के लिये श्री काशीविश्वनाथ मंदिर को केन्द्र में मानकर इन मंदिरो का पावन पथ के रूप में सर्किट विकसीत किया जायेगा।

प्रथम फेज में इन मंदिरों के आसपास को अतिक्रमणमुक्त कराते हुए, इनकी गलियों का मरम्मत, सीवर समस्या का समाधान, प्रकाश व्यवस्था के साथ ही मंदिर के आसपास प्रर्याप्त एवं समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित कराया जायेगा। ताकि श्रंद्वालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाये। उन्होने इन सभी मंदिरो के पास डेस्टवीन लगाये जाने हेतु नगर आयुक्त को निर्देशित किया। ताकि गंदगी सड़क पर बिखरने न पाये।
उत्तर प्रदेश के विधि, न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी रविवार को पावन पथ बनाये जाने के संबंध में मंदिरो के पुजारियो, महन्तो सहित अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे।
उन्होने नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुए कहॉ कि पावन पथ के संबंध में विस्तृत एवं प्रभावी कार्ययोजना बनाये। इस कार्य में धन की कमी आड़े नही आने दी जायेगी। जो भी धन की आवश्यकता होगी, उसे शासन स्तर से तुरन्त मुहैया कराया जायेगा।
उन्होने इन मंदिरो की मैपिंग कराते हुए रेलवे स्टेशन, रोडवेज एवं एयरपोर्ट पर साइनेंज लगाये जाने का भी निर्देश दिया। ताकि काशी आने वाले पर्यटक एवं श्रंद्वालुओं को इन पुरातन मंदिरो की जानकारी हो सके।

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