क्या आप अपने जीवन से परेशान हैं, डिप्रेशन में हैं या काम में मन नहीं लगता तो गुरुग्राम में 28 से 30 नवंबर तक स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद भवन परिसर में आयोजित किया जाने  वाला अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव आपके लिए उपयोगी हो सकता है। इस महोत्सव के दूसरे दिन अर्थात्  29 नवंबर को विभिन्न वक्ताओं द्वारा गीता के श्लोकों की मदद से जीवन के मैनेजमेंट की कला सिखाई जाएगी। गीता के माध्यम से किस प्रकार हम अपनी स्थाई खुशी अथवा प्रसन्नता खोज सकते हैं, यह बताया जाएगा।
महोत्सव का दूसरा दिन सेमीनार अथवा गोष्ठी को समर्पित है। आज नगराधीश मनीषा शर्मा की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर उनके कार्यालय में आयोजित बैठक में विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सेमीनार में रखे जाने वाले विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस चर्चा में यह निकल कर आया कि इस सेमीनार में वक्ताओं द्वारा गीता के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला जाएगा, जिसमें सबसे महत्त्वपूर्ण जीवन में गीता की उपयोगिता से जुड़े विषय रखे गए हैं।
प्रतिनिधियों का मानना था कि समाज में आज भिन्न-भिन्न प्रकार का तनाव व्याप्त है, विद्यार्थी और युवा वर्ग इस तनाव की वजह से नशे की ओर बढ़ रहा है जो गीता का अध्ययन करके ना केवल अपनी पढाई एकाग्रता से कर सकता है बल्कि समाज में भी अपना योगदान दे सकता है। गीता के एक श्लोक में कहा गया है कि ‘जीवन है तो संघर्ष साथ रहेंगे ही, संघर्षों में मन घबराये-उकताये नहीं, मनोबल मजबूत रहे- इसी के लिये गीता पे्ररित करती है। जीवन संघर्षों में भगवान का स्मरण बना रहे। ईश्वरीय ध्यान स्मरण जीवन की ऊर्जा, शक्ति, शान्ति और बल मजबूत सम्बल है। मन बुद्धि भगवान को अर्पित अर्थात् ‘साथी’ एवं जीवन रथ के सारथी भगवान हैं इसलिए चिन्ता मिटेगी और सफलता मिलेगी।’ आज के समय में भी गीता की प्रासंगिकता है, इस तथ्य को सेमीनार में विभिन्न वक्ताओं द्वारा उजागर किया जाएगा।
आज की बैठक में बताया गया कि सेमीनार में जीवो गीता से लोकेशव नारंग ‘प्रतिक्षक’ द्वारा बताया जाएगा कि श्रीमद भागवद गीता के अनुसार विचार प्रक्रिया के तीन मुख्य अंश क्या हैं। वे यह भी बताएंगे कि गीता के नौ सशक्त श्लोकों के माध्यम से लाईफ मैनेजमेंट कैसे की जा सकती है। इसी संस्था के डा. राजेश ठाकरान द्वारा जीवन के लिए गीता सार पर अपना वक्तव्य दिया जाएगा। गिव गीता के अवतरी प्रभु द्वारा गीता फॉर यंग जनरेशन पर वक्तव्य दिया जाएगा तथा अकरम अकाम भक्तिदास द्वारा गीता-लाईफ मैनेजमेंट मैनुअल के बारे में बताया जाएगा।
इसी संस्था के अतुल्य निमयी दास बताएंगे कि किस प्रकार गीता कंपलीट पर्सनेलिटी विकास में सहायक है। सेमीनार में गिव गीता के कलाकारों द्वारा गीता पर आधारित 10 मिनट की स्कीट भी प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा, इस्कॉन की तरफ से मधु मंगलदास द्वारा स्वच्छ हृदय अभियान के लिए गीता तथा डिस्कवर यूवर परमानेंट हैपिनेस थ्रु गीता पर वक्तव्य दिए जाएंगे। इसी प्रकार इस्कॉन के ही अमोग लीला दास द्वारा गीता के माध्यम से महिला सशक्तिकरण विषय पर अपने विचार रखें जाएंगे। सेमीनार में स्थानीय महाविद्यालयों के विद्यार्थी भी गीता पर आधारित व्याख्यान देंगे। किटजी स्कूल के नन्हें बालक गीता पाठ प्रस्तुत करके श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर देंगे।
गुरुग्राम में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के तीनों दिन कार्यक्रमों का शुभारंभ श्रेंगेरी विद्यापीठ के विद्यार्थियों द्वारा स्वस्तिवाचन से किया जाएगा। महोत्सव के पहले दिन 28 नवंबर को प्रदर्शनी लगाई जाएगी तथा शाम को गीता पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। इसी प्रकार, 29 नवंबर को गीता पर सेमीनार तथा 30 नवंबर को श£ोकीय गीता का पाठ व शोभा यात्रा का आयोजन  किया जाएगा।
आज की बैठक में इस्कॉन से रामेश्वर गिरधारी दास, नरहरि दास, शीतला माता मंदिर पूजा स्थल बोर्ड से अमरचंद भारद्वाज, स्वास्थ्य विभाग से डा. एसएस सरोहा, महिला एवं बाल कल्याण विभाग से प्रभावती, डीएसडी राजकीय महाविद्यालय से डा. मीनाक्षी पाण्डेय, राजकीय महिला महाविद्यालय से डा. किरण बाला, सोमेश कुमार पाण्डेय, अकाम भक्तिदास, अतुल्य निमयी दास, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय से राजेश गुप्ता, बागवानी विभाग से मांगेराम गोदारा, हुडा से कार्यकारी अभियंता मेजर स्वेता, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से कार्यकारी अभियंता रंजन राव, जिला शिक्षा अधिकारी नीलम भंडारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राम कुमार फलसवाल सहित कई संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा सरकारी विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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