‘‘मंजिल कोई भी हो, यदि हौसला बुलंद है तो उसे पाना मुश्किल नहीं।’’ इस वाक्य को राजकीय महाविद्यालय सैक्टर 9 की छात्रा दिवांशी ने साबित कर दिया है। अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय राॅलर खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर दिवांशी ने न केवल महाविद्यालय बल्कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय एवं हरियाणा प्रदेश का नाम रोशन किया है। दिवांशी ने यह पदक फ्री स्टाइल स्केटिंग खेल में हासिल किया है। दिवांशी का चयन विश्व चैम्पियनशिप के लिए किया गया है जिसका आयोजन फरवरी माह में किया जाएगा। दिवांशी की इस उपलब्धि पर महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया।
दिवांशी ने बताया कि वह पिछले सात-आठ सालों से स्केटिंग कर रही है। दिन में कम से कम चार-पांच घंटे अभ्यास करना उनका शौक है। दिवांशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच तथा माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि यदि उनके माता-पिता उनका साथ नहीं देते तो वह कभी भी अपने सपने को सच नहीं कर सकती थी। उन्होंने अन्य अभिभावकों से अपील की कि यदि उनके बच्चे खेलों में भविष्य तलाश रहे हैं तो वह उन्हें प्रोत्साहित करें। खेलों के क्षेत्र में स्वर्णिम भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। अन्य विद्यार्थियों विशेषकर लड़कियों को संदेश देते हुए दिवांशी ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में सफलता हासिल करने पर बहुत सम्मान मिलता है। उन्होंने छात्राओं को कठोर परिश्रम करने का सुझाव दिया।
इस मौके पर महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. इन्दु जैन ने दिवांशी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिवांशी ने पूरे देश में महाविद्यालय का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि अन्य छात्राओं को दिवांशी से सीख लेनी चाहिए तथा जीवन के पथ पर मेहनत एवं आत्मविश्वास से आगे बढ़ना चाहिए। खेलों के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य उन सभी विद्यार्थियों का इंतजार करता है जो इस क्षेत्र में ईमानदारी से प्रयास करते हैं। इस मौके पर डाॅ. अर्जुन सिंह, डाॅ. कृृष्णा मल्हान, डाॅ प्रवीण फौगाट, सहायक प्राध्यापक रवि कुमार सहित सभी प्राध्यापकों ने दिवांशी को विश्व प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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