सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी. हेकाली झिमोमी ने कहा है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश से फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रदेश के 47 जनपदों में तीन दिवसीय सघन अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
अभियान के दौरान घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा एल्बेन्डाजाल एवं डीईसी दी जायेंगी और इसके साथ ही फाइलेरिया से बचाव के लिए जागरूक भी किया जायेगा। अभियान के संबंध में संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
झिमोमी जनपथ सचिवालय में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रमों को सफल बनाये जाने संबंधी बैठक को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। इसलिए फाइलेरिया रोग के उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है और इस अभियान को पोलियो उन्मूलन अभियान की तरह चलाया जायेगा। अभियान में लगे वर्कर शहरी इलाकों सहित सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर अपने सामने लोगों को फाइलेरिया की दवां खिलायेंगे। इसके अतिरिक्त अलग-अलग जगहों पर बूथ भी बनाये जायेंगे, जहां फाइलेरिया की दवा वितरित की जायेगी।

झिमोमी ने निर्देश दिए कि अभियान में लगाये जाने वाले वर्करों, आशाओं एवं वालेंटियर्स को प्रशिक्षित किया जाय और इनको अभियान के दौरान होने वाली समस्त गतिविधियों को पूरी जानकारी दी जाय। इस अभियान में जिन वर्करों को लगाया जायेगा उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से 200 रुपये पारिश्रमिक दिया जायेगा। प्रत्येक वर्कर को प्रतिदिन कम से कम 50 मकान कवर करना होगा और 250 लोगों को दवा खिलानी होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी एरिया छूटने न पाये। अति संवेदनशील क्षेत्रों में खासतौर से फोकस किया जाय। हर ब्लाक में एक नोडल अधिकारी बनाया जाय, जो इसकी नियमित मानीटिरिंग करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

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