हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम में उत्तरी भारत के सबसे बड़े तितली रक्षागृह का शिलान्यास किया। यह रक्षागृह लगभग 15 एकड़ भूमि पर गुरुग्राम के सैक्टर-52 में विकसित किया जाएगा।
इस रक्षागृह को ‘उत्थान’ नामक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री ने इस पार्क को विकसित करने के लिए वन विभाग तथा उत्थान एनजीओ के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया। यह पार्क लगभग एक साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों ने तितली रक्षागृह के  मॉडल को भी लोक निर्माण मंत्री को दिखाया।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि आज शहरीकरण के बढऩे के कारण कुछ जीव-जंतुओं की प्रजातियां लुप्त होने के कगार पर है। ऐसे में यह तितली रक्षागृह उत्तर भारत के लिए वरदान साबित होगा। लोक निर्माण मंत्री ने पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण के स्तर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़े स्तर पर शहरीकरण के कारण विलुप्त होती तितली प्रजाति के संरक्षण हेतू हरियाणा वन विभाग गुरूग्राम के सैक्टर 52 में उत्तर भारत का पहला तितली संरक्षण पार्क की स्थापना करने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तितली प्राकृतिक रूप में हरे पौधों एंव फूलों पर पनपती हैं और ये पौधों के प्रजनन में सहायक होती हैं। जब तितली एक फूल पर बैठती है तो उसके चिपक कर पोलन ग्रेन्स  दूसरे पौधे पर पहुंच जाते हैं जिससे पौधों के प्रजनन व उत्पत्ति को बढ़ावा मिलता है जोकि पर्यावरण के लिए बहुत ही लाभदायक है। नए विकसित किए जा रहे तितली पार्क क्षेत्र में सर्वे टीम द्वारा तितली की लगभग 15 देसी प्रजातियों क ी पहचान की गई है जिनका संरक्षण किया जाएगा। इसका मुख्य उदेश्य पूरे साल प्राकृतिक एंव अनुकूल वातावरण प्रदान करके तितली प्रजातियों की गुणात्मक वृद्वि करना है तथा तितली के लार्वा व अण्डों को नुकसान पहुचाने वाले कीटों से बचाना है। प्राय: इस प्रकार के पौधो की उपलब्धता वर्ष के कुछ महीनों तक ही सीमित होती है। यह तापमान तथा नमी पर निर्भर होता है परन्तु यहां इस पार्क में पौधों की ऐसी अनेकों प्रजातियों के पौधारोपण की योजना है जिन पर  तितलियां  पूरे वर्ष आश्रय पाकर फल-फूल सकें।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि यह पार्क तितलियों के बारे में वैज्ञानिक ज्ञान की एक प्रदर्शनी होने के साथ साथ गुरूग्राम शहर में एक हरित क्षेत्र होगा। इस परियोजना की एक अन्य विशेषता यह है कि भारत में पहली बार इस पार्क में जुगनू  अनुभाग की स्थापना भी की जा रही है। तितली रक्षागृह में सूचना एंव प्रदर्शन केन्द्र, लार्वा /प्यूपा क्षेत्र, अनुकूल पौधों का समूह क्षेत्र, अनुकूल समूह प्रजाति पौधशाला, अन्त:गृह प्रजनन हेतू ग्रीन हाउस, कार्यालय एंव अभिलेख कक्ष, पुश्प पार्क, नक्षत्र उद्यान, पौधशाला क्षेत्र, जुगनु संरक्षण क्षेत्र, जलपान गृह आदि विकसित किये जाएंगे।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here