जिला में कचरा जलाने वालों के प्रति अब जिला प्रशासन सख्ती बरतेगा और खुले में कचरा जलाते पाए जाने पर 5 हजार रूपए का जुर्माना किया जाएगा। ऐसे आदेश उपायुक्त विनय प्रताप सिंह द्वारा नगर निगम के अधिकारियों तथा सरपंचो व ग्राम सचिवो को दिए गए हैं।
इस संबंध में जानकारी उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने उनके कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मलेन में दी। पर्यावरण प्रदूषण के कारण इन दिनों जिला में स्मॉग अर्थात् प्रदूषण से धुंध के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि गुरुग्राम के लिए प्रदूषण गंभीर विषय है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) ठीक करने के लिए खुले में कचरा जलाने के मामलों में नगर निगम को जुर्माना करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा हालांकि ऐसे मामलों में जुर्माना  किया जा रहा है फिर भी इसमें और सघनता से कार्य करने के लिए कहा गया है। इसी प्रकार, ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच तथा ग्राम सचिवो को भी जुर्माना करने के लिए अधिकृत किया गया है। ग्राम पंचायतों को भी खुले मे कचरा जलाने के मामले में और अधिक सतर्क किया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि गुरुग्राम शहर में कई जगहों पर निर्माण की गतिविधियां चल रही हैं जिसके कारण भी धूल के कण हवा में मिलने से प्रदूषण फैलता है। ऐसे मामलों में 20 हजार वर्ग मीटर से नीचे के प्रोजैक्ट में नगर निगम को कार्यवाही करने का अधिकार प्राप्त है तथा उससे ऊपर के प्रोजैक्टों के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जुर्माना के लिए अधिकृत है। उन्होंने बताया कि इन विभागों द्वारा कार्यवाही तो की जा रही परंतु समस्या की गंभीरता को देखते हुए इन्हें पुन: निर्देश जारी किए गए हैं।
वाहनों से फैलने वाले प्रदूषण के संबंध में उपायुक्त ने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पोंस एक्सन के तहत जिला प्रशासन कदम उठाएगा जिसके तहत पार्किंग के रेट बढाने पर विचार करने के साथ-साथ  अन्य पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम के हालात 12 नवंबर तक ऐसे ही रहने की संभावना है। उपायुक्त ने सभी जिलावासियों से अपील की है कि वे खुले में कचरा जलाने वालों की सूचना स्वच्छता एप के माध्यम से दें जिससे जिला प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढेगी और ऐसे मामलों को रोकने में सहायता मिलेगी।
एक अन्य सवाल के जवाब में उपायुक्त ने बताया कि प्रदूषण मापने का एक नया यंत्र जल्द ही मानेसर में लगाया जाएगा। वर्तमान में गुरुग्राम के विकास सदन में, डीएलएफ, मारूति प्लांट तथा हीरो मोटो कॉर्प परिसर में ऐसे यंत्र लगे हुए हैं। विद्यालयों के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उपायुक्त ने कहा कि प्रदूषण की धुंध को देखते हुए राज्य सरकार ने विद्यालयों के समय में परिवर्तन किया है। विद्यालय अब प्रात: 9 बजे से दोपहर बाद 3:30 बजे तक लगेगे। इस समय सारणी का पालन करने के लिए विद्यालयों को एक दिन का समय दिया गया था ताकि वे अभिभावकों को सूचित कर सकें।
Sandeep Siddhartha, Senior Reporter

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