मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माॅरिशस स्थित रामायण सेण्टर का भ्रमण किया। उन्होंने रामायण के प्रचार-प्रसार सम्बन्धी प्रयासों एवं शोध कार्य की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जीवन हम सभी को प्रेरणा प्रदान करता है। भगवान राम ने जो आदर्श प्रस्तुत किए, वे सभी को राह दिखाते हैं। भारत की सामाजिक एवं सांस्कृतिक परम्परा में रचे-बसे भगवान राम पूरे देश के लिए तो प्रेरणा स्रोत हैं ही, विश्व के अनेक देश भी इनके व्यक्तित्व से ऊर्जा ग्रहण करते हैं।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के व्यक्तित्व व देश की सांस्कृतिक विरासत से माॅरिशस की वर्तमान एवं भावी पीढ़ी को अवगत कराने एवं विश्व में प्रचलित सभी प्रकार की रामायण पर शोध के लिए रामायण सेण्टर स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि यहां बच्चों को हिन्दू दर्शन और रामायण के जीवन मूल्यों की शिक्षा देने का जो प्रबन्ध किया गया, वह अत्यन्त सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र के माध्यम से श्रीराम चन्द्र जी के आदर्शों को माॅरिशस ही नहीं, बल्कि बाहर भी प्रचारित-प्रसारित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अवगत हैं कि दीपावली का अयोध्या से सीधा सम्बन्ध है, लेकिन दीपावली जैसे पर्व को अयोध्या में ही विस्मृत कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या में पिछले दिनों सरयू जी के तट पर ‘दीपोत्सव’ आयोजित किया गया, जिसे देश और दुनिया में देखा और सराहा गया। ‘दीपोत्सव’ के माध्यम से लोगों को यह जानकारी मिली कि वास्तव में दीपावली का विशिष्ट आयोजन कहां से प्रारम्भ हुआ और इसका उद्देश्य क्या है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अयोध्या में रामलीला का मंचन भी होता था, जिसे तत्कालीन राज्य सरकारों ने बंद करा दिया था। वर्तमान राज्य सरकार ने अब इस प्रकार की व्यवस्था करने का काम किया है कि पूरे साल प्रतिदिन अयोध्या में तीन रामलीलाएं होंगी। उन्होंने अयोध्या के साथ सरयू जी के महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि सरयू जी के महत्व को पुनः स्थापित करने के लिए कई विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर भारत के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), गिरीराज सिंह एवं अन्य विशिष्टगण उपस्थित थे।

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