फ्लैट ओनर्स फेडरेशन के विजय नगर के जोनल कमाण्डर एवं क्रोमा (क्रोसिंग रिपब्लिक, फ्लैट ओनर्स एसोसिऐशन) के अध्यक्ष तरूण चौहन ने कहा कि कॉन्टिनैन्टल कार्बन इण्डिया लिमिटेड को केवल बन्द करना पर्याप्त नही है। कारण यह है कि सरकारें नागरिकों के दबाव में आ कर दिखाने के लिए वायु प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्री को बन्द तो कर देती है परन्तु कुछ समय पश्चात खोल भी देती है। इस फैक्ट्री के साथ 2015 में ऐसा पहले ही हो चुका है। तरूण चौहान ने बताया कि अमेरिका में इस कम्पनी की अलबामा और ओखलामा में शाखायें है। वहां जब सी सी आई एल पर वायु प्रदूषण फैलाने का आरोप लगा तो उसे 6 लाख 50 हजार डॉलर जुर्माने के देने पडे और नये आधुनिक अच्छे एफ्लुएन्ट ट्रीटमैन्ट प्लान्ट लगवाने पडे और जो नुक्सान इस कम्पनी ने पिछले समय में पहुचाया था उसके लिये भी जुर्मान और हरजाना भरना पडा।
फ्लैट ओनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी ने बारिकियां समझातें हुए बताया कि सीसीआईएल के सामने 11 अक्टुबर 2017 को जब एक गार्डरूम की छत पर वायु प्रदुषण में पार्टीकूलेट मैटर की मात्रा नापी गई, जब फैक्ट्री बन्द थी और बाद में जब फैक्ट्री चली तो वायु प्रदुषण  में पार्टीकूलेट मैटर में 101 माईक्रोग्राम पर क्युबिक मीटर बढा हुआ पाया गया। गाजियाबाद का औसतन पार्टीकूलेट मैटर का स्तर यदि 400 भी मान लिया जाये तो एक चौथाई केवल सी सी आई एल की वजह से है। पिछले 10 वर्षो  में इस कम्पनी ने गाजियाबाद को बेइम्तिहा नुक्सान पंहुचाया है और कोरपोरेट सोशल रिस्पोन्सब्लिटी के अन्तर्गत एक पैसा भी नही दिया है और कम्पनी ने काले कार्बन के मुनाफें में अरबो खरबो कमायें है।
फ्लैट ओनर्स फेडरेशन मांग करता है कि सी सी आई एल से पुराने समय के लिये हरजाना लिया जायें और भविष्य के लिए सी एस आर के अन्तर्गत विशेष जिम्मेदारी सौपीं जाये। इस अवसर पर फ्लैट ओनर्स फेडरेशन के सचिव मुकेश अग्रवाल एवं फ्लैट ओनर्स एसोसिऐशन के क्रोसिंग रिपब्लिक के पदाधिकारी, बी पी एस भाटीया एवं आशुतोष चन्दन ने मांग की कि सी सी आई एल जैसी अन्य वायु प्रदुषण फैलाने वाली फैक्ट्रीयों को भी बन्द किया जायें या स्थानान्तरित किया जाये या उनमें अत्यन्त आधुनिक ई टी पी लगवायें जायें।

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