जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, अध्यापकों एवं नामांकित बच्चों की उपस्थिति तथा मिड डे मील वितरण का सत्यापन जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा किया गया। स्वयं जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब द्वारा बुलन्दशहर के विकास खण्ड सिकन्द्राबाद एवं बुलन्दशहर के अन्तर्गत स्थित परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश अधिकारियों को दिये। जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम विकास खण्ड सिकन्द्राबाद के अधीन चंदेरू प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया विद्यालय में 262 बच्चे नामांकित है और 8 अध्यापक तैनात है। जिलाधिकारी ने बच्चों से स्कूली बैग, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं यूनिफार्म वितरण की जानकारी करने पर बताया गया कि सभी बच्चों को बैग एवं यूनिफार्म नहीं मिल सकी है और यूनिफार्म में जूते किसी भी बच्चें को नहीं मिले है। विद्यालय में खाद्यान्न उपलब्ध न होने पर मिड डे मील विगत दिनों से बच्चों को नहीं दिये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी तथा डिप्टी आरएमओ के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए मिड डे मील वितरण की व्यवस्था के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि जनपद में जहां भी मिड डे मील वितरण खाद्यान्न उपलब्ध न होने के कारण नहीं किया जा रहा है उन विद्यालयों में मिड डे मील के लिए खाद्यान्न का उठान किया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने पिछले दो माहों में विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति एवं मिड डे मील रजिस्टर से मिलान करते हुए निरीक्षण किया।
विद्यालय में 4 आंगनवाडी केन्द्र संचालित है और उनमें 160 बच्चे नामांकित है। जिलाधिकारी ने आंगनवाडियों से कहा कि वह बच्चों को केन्द्रों तक लाकर उन्हें शिक्षित करने के लिए प्रयास करें। उन्होंने इसी परिसर में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण करते हुए 151 बच्चे नामांकित पाये और मौके पर 5 अध्यापक उपस्थित मिले।
विद्यालयों के निरीक्षण के अगले क्रम में जिलाधिकारी द्वारा प्राथमिक विद्यालय अमीनगर का निरीक्षण करते हुए 28 बच्चे नामांकित पाये गये विद्यालय में 2 अध्यापक और एक शिक्षा मित्र उपस्थित पाया गया। प्रधानाध्यापक द्वारा बताया गया कि उन्होंने अपने स्तर से खाद्यान्न की व्यवस्था कर मिड डे मील का वितरण कराया जा रहा है।
विद्यालय के सामने नाली का निर्माण न होने के कारण बच्चों को गंदगी का सामना करना पड रहा है और विद्यालय के भवन के ऊपर से 11 हजार वोल्टेज की विद्युत लाइन होने के कारण बच्चों के जीवन को खतरा बना हुआ है। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए विद्यालय के सामने की नाली निर्माण हेतु ग्राम प्रधान तथा विद्युत लाइन को सिफ्ट करने के आदेश सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता विद्युत को दिये।
प्राथमिक विद्यालय गफ्फारगढ़ी का निरीक्षण करते हुए यह पाया कि स्कूल का एक भवन जर्जर हालत में होने के कारण इसका निस्तारण किया जाना है इस कारण बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर शिक्षा प्राप्त कर रहे है। विद्यालय में 24 बच्चे नामांकित है तथा प्रधानाध्यापक द्वारा बताया गया कि विद्यालय मुख्य सड़क पर स्थित होने के कारण निजी विद्यालयों में बच्चों को अभिभावक नामांकित करा रहे है। इसलिए विद्यालय में बच्चों की संख्या कम है।
विद्यालय में अध्यनरत बच्चों से जिलाधिकारी ने वार्ता कर शिक्षा की गुणवत्ता की परख की, जिलाधिकारी द्वारा बच्चों की ली गई परीक्षा में सभी बच्चे इस विद्यालय के उत्तीर्ण पाये गये। नामांकित बच्चों को यूनिफार्म, पुस्तकें उपलब्ध करायी गयी है।
विद्यालय की बाउण्ड्री वॉल न होने के कारण झाड़ियां उगी होने पर सांपों से खतरा बना हुआ है और इसकी सफाई कराने का अनुरोध प्रधानाध्यापक द्वारा जिलाधिकारी से किये जाने पर उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को विद्यालय के चारों तरफ की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने एवं समस्त विद्यालयों में ग्राम प्रधानों के माध्यम से विद्यालयों की छत एवं फर्सो की आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने के निर्देश दिये।
विद्यालय की प्रधानाध्यापक सीमा यादव सहित दो अध्यापक और तैनात पाये गये। जिलाधिकारी ने पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय लालपुर का निरीक्षण करते हुए विद्यालय में शिक्षकों एवं बच्चों की उपस्थिति का निरीक्षण करते हुए 4 शिक्षक तैनात पाये गये और विद्यालय में 70 बच्चे नामांकित है। विद्यालय की प्रधानाध्यापक सीमा रानी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि गांव के लोगों द्वारा विद्यालय में मना करने के बावजूद भी पशुओं को बांधा जाता है जिससे विद्यालय में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड रहा है।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस सम्बन्ध में तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिये। प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के समय 29 बच्चों का नामांकन पाया गया इस मौके पर नव्या नामक बच्ची से जिलाधिकारी द्वारा बात करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता की परख की। उनके द्वारा आंगनवाडी केन्द्र का भी निरीक्षण किया गया।

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